हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन उस्ताद फ़रहज़ाद ने पैग़म्बर ए अकरम (स) की एक रिवायत की व्याख्या करते हुए बताया कि क़यामत के दिन तीन प्रकार के लोग उनके नूरानी चेहरे और सुंदर स्वरूप के दीदार से वंचित…
हौज़ा / हज़रत मासूमा (स.ल.) के हरम ए मुक़द्दस के खतीब हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हबीबुल्लाह फरहज़ाद ने कहा है कि मआरिफ़ते-नफ्स इंसान की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी और मआरिफ़ते-खुदा की बुनियाद है…