कर्बला की घटना केवल एक ऐतिहासिक त्रासदी नहीं थी, बल्कि इस्लाम की रक्षा तथा सत्य और असत्य के बीच होने वाला एक निर्णायक संघर्ष था। यदि इमाम हुसैन (अ) यज़ीद की बैअत स्वीकार कर लेते, तो उसके परिणामस्वरूप…