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उलेमा और मराजा ए इकरामदुनिया अब किसी एक शक्ति के प्रभाव में नहीं रही, ईरान उभरती हुई वैश्विक शक्ति है
हौज़ा इल्मिया के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विभाग के प्रमुख ने कहा कि दुनिया अब किसी एक शक्ति के प्रभाव में नहीं रही है और वैश्विक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि नई वैश्विक स्थिति…
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आयतुल्लाह मिस्बाह यज्दीः
उलेमा और मराजा ए इकरामइंसान और अल्लाह के बीच सबसे बड़ा पर्दा
इंसान की आत्मिक संरचना ऐसी है कि यदि वह अल्लाह के दरबार में गिड़गिड़ाता और विनम्रता प्रकट नहीं करता, तो उसमें अहंकार और सरकशी जैसी आत्मिक बुराइयां पैदा हो जाती हैं। गिड़गिड़ाना वास्तव में इंसान…
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आयतुल्लाह जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामपुराना ज्ञान नही समय के अनुरूप ज्ञान ही सभ्य और सशक्त समाज बनाएगा
हज़रत आयतुल्लाह जवाद आमोली ने आधुनिक और सही ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा: जो ज्ञान पुराना और जर्जर हो चुका हो, वह न हौज़ा इल्मिया को विकास की मंजिल तक पहुंचा सकता है और…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआज के समाज को पढ़ने से अधिक، धर्म को समझने की आवश्यकता है
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन कमाली ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक ज्ञान को केवल धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने और जानने तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के समाज को…
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आयतुल्लाह महदी मरवारीद:
उलेमा और मराजा ए इकरामहौज़ा इल्मिया में इल्म का सफर अमल और इल्म के प्रसार पर समाप्त होना चाहिए
मशहद मुकद्दस में मदरसा इल्मिया जाफरिया व फिक्ही शम्सुश्शुमूस (अ.) में फिक्ह और उसूल के विद्वानों के समूह की दसवीं बैठक इस संस्थान के शिक्षकों और शैक्षणिक समिति के सदस्यों की मौजूदगी में आयोजित…
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आयतुल्लाह हुसैनी बुशहरी:
उलेमा और मराजा ए इकरामआज हमें शेख अंसारी जैसे ऐसे विद्वानों की आवश्यकता है, जो वर्तमान दौर की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करें
क़ुम के हौज़ा इल्मिया के शिक्षक संघ के प्रमुख आयतुल्लाह सैयद हाशिम हुसैनी बुशहरी ने वैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रयासों को रक्षात्मक प्रयासों के साथ जारी रखने पर जोर देते हुए कहा है कि आज समाज को…
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उलेमा और मराजा ए इकरामहौज़ा इल्मिया की सभी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की योजना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से भी लिया जाएगा लाभ
हौज़ा इल्मिया क़ुम ने अपनी शैक्षणिक, शोध, प्रचार-प्रसार और अन्य गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने के लिए कई नई योजनाएँ तैयार की हैं। इनमें आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता…
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क़िस्त न 125
उलेमा और मराजा ए इकरामभारतीय धार्मिक विद्वानों का परिचय | भारतीय धार्मिक विद्वानों का परिचय | ताजुल उलेमा मौलाना अली मुहम्मद नसीराबादी
पेशकश: दनिश नामा-ए-इस्लाम, इन्टरनेशनल नूर माइक्रो फ़िल्म सेंटर दिल्ली
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उलेमा और मराजा ए इकरामक़ुरआन की नज़र में इंसान की प्रमुख विशेषता ईसार है: हुज्जतुल इस्लाम अबुलक़ासिम
हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लेमीन मुहम्मद हाज अबुलक़ासिम दूलाबी ने हज़रत मासूमा क़ुम (स) के पवित्र हरम में कहा कि इबादत, अल्लाह से लगातार संबंध और त्याग, क़ुरआन की नज़र में इंसान की सबसे महत्वपूर्ण…
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उलेमा और मराजा ए इकरामशोध के बिना बात न करें, न किसी बात को रद्द या स्वीकार करे
समाज का सांस्कृतिक विकास और बौद्धिक प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि उसके विद्वान और बुद्धिजीवी विचार और अभिव्यक्ति में शोध तथा वैज्ञानिक सिद्धांतों का पालन करें। पवित्र कुरआन, जो पूरी तरह…
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आयतुल्लाह आराफी का हौज़ा-ए-इल्मिया के नए शैक्षणिक वर्ष के उद्घाटन समारोह में संबोधन
उलेमा और मराजा ए इकरामनए शैक्षणिक वर्ष पर हौज़ा-ए-इल्मिया के लिए 10 महत्वपूर्ण बिंदु; संकल्प करें कि हम «अदऊ ऐलल्लाह» के मिसदाक़ बनेंगे
हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख ने कहा: हौज़ा-ए-इल्मिया को समय के हालात, समाज की आवश्यकताओं और दुनिया में होने वाले बदलावों की सही पहचान के साथ अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाना चाहिए और…
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उलेमा और मराजा ए इकरामखानदान-ए-नबूवत, इलाही करामत की बुलंदी है।आयतुल्लाह दरी नजफ़ाबादी
हौज़ा / आयतुल्लाह दरी नजफ़ाबादी ने अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अ.स.के रिवायत की व्याख्या करते हुए पैग़म्बरे इस्लाम (स.ल.) के परिवार को “पाकीज़ा वृक्ष” बताया, जिसकी जड़ें हज़रत इब्राहीम (अ.स.) से…
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उलेमा और मराजा ए इकरामइस्तिग़फ़ार से स्वयं को सुगंधित करो; दुनिया और आख़ेरत की भलाई के द्वार खोलने की कुंजी
हज़रत आयतुल्लाह बहाउद्दीनी (क़) ने इस्तिग़फ़ार के ज़िक्र के महत्व के बारे में एक नैतिक उपदेश में इसे «दुनिया और आख़ेरत की भलाई के द्वार खोलने की कुंजी बताया है। उन्होंने अमीरुल मोमिनीन हज़रत…
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आयतुल्लाह आराफ़ी का इस्लामी उलूम की तकनीकी उत्पादों के अनावरण समारोह में संबोधन
उलेमा और मराजा ए इकरामआधुनिक तकनीक के क्षेत्र में हौज़ा-ए-इल्मिया की बुनियादी रणनीति / आर्टिफ़ीशियल इंटेलीजेंस (AI) के साथ इस्लामी उलूम के ढांचे की समीक्षा पर जोर
आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने कहा कि हौज़ा-ए-इल्मिया को संज्ञानात्मक विज्ञान, आधुनिक तकनीकों और आर्टिफ़ीशियल इंटेलीजेंस (AI) का सामना करते हुए न तो उत्साह में आकर जल्दबाजी और सतही तरीके से इनका…
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उलेमा और मराजा ए इकरामईरान के खिलाफ साम्राज्यवादी मोर्चे की 9 बड़ी कमजोरियां हैं: आयतुल्लाह आराफी
क़ुम के इमामे जुमा ने कहा कि साम्राज्यवाद के मुकाबले में ईरानी जनता और नेतृत्व की दृढ़ता ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। अमेरिका और साम्राज्यवादी व्यवस्था अपने ऐतिहासिक अन्याय, वैश्विक नफरत,…
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उलेमा और मराजा ए इकराम“बहजतुद्दुआ” में अल्लाह से मोहब्बत बढ़ाने के लिए आयतुल्लाह बहजत की सलाह
हज़रत आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी बहजत ने अपनी किताब “बहजतुद्दुआ” के एक हिस्से में इस बात पर ज़ोर दिया है कि ज़िक्र और आध्यात्मिक आदाब में अल्लाह से मोहब्बत बढ़ाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सलवात…
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उलेमा और मराजा ए इकरामहज़रत मासूमा (स) का क़ुम आगमन अहलेबैत के ज्ञान और शिक्षाओं के प्रचार का प्रारंभिक बिंदु है: आयतुल्लाह सईदी
आयतुल्लाह सय्यद मुहम्मद सईदी ने पवित्र शहर क़ुम में हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स) के आगमन (23 रबीउल अव्वल 201 हिजरी) के ऐतिहासिक और सभ्यतागत महत्व को बयान करते हुए कहा कि हज़रत फ़ातिमा मासूमा सलामुल्लाह…
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उलेमा और मराजा ए इकरामपैगंबर-ए-अकरम का नूर क़यामत तक इंसानों का मार्गदर्शन करता रहेगा: आयतुल्लाहिल उज़्मा सुब्हानी
आयतुल्लाहिल उज़्मा जाफ़र सुब्हानी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेही वसल्लम वह नूर हैं, जिन्होंने पूरी मानवता को रोशन किया। आपके अस्तित्व का नूर हमेशा,…
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उलेमा और मराजा ए इकरामकुरआन में इंतकाम का अर्थ केवल बदला नहीं, ईश्वरीय दंड भी है: रुस्तमनेजाद
हज और ज़ियारत अनुसंधान केंद्र के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रुस्तमनजाद ने “कुरआन की दृष्टि में इंतकाम और ख़ून का बदला” विषय पर आयोजित एक बैठक में कहा कि कुरआन की दृष्टि में क़िसास, इंतकाम…
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क़िस्त न 124
उलेमा और मराजा ए इकरामभारतीय धार्मिक विद्वानों का परिचय | भारतीय धार्मिक विद्वानों का परिचय | मौलाना सय्यद अली हम्माद आबिदी फ़ैज़ाबादी
पेशकश: दनिश नामा-ए-इस्लाम, इन्टरनेशनल नूर माइक्रो फ़िल्म सेंटर दिल्ली
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आयतुल्लाह आराफ़ी:
उलेमा और मराजा ए इकरामसीरीक में शादी समारोह पर अमेरिका का हमला युद्ध अपराध का स्पष्ट उदाहरण है
आयतुल्लाह अलीरज़ा आराफी ने हुर्मुज़गान प्रांत के सीरीक इलाके में आवासीय क्षेत्रों और शादी समारोह पर अमेरिका के हवाई हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस हमले को राज्य प्रायोजित आतंकवाद और युद्ध…
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हुज्जतुल-इस्लाम वल मुस्लिमीन सफ़ाई बुशहरी
उलेमा और मराजा ए इकरामजनता की सेवा करना, रिज़वी संस्कृति का व्यावहारिक रूप है
हौज़ा/ हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन सफ़ाई बुशहरी ने कहा कि जनता की सेवा करना, संस्कृति ए रिज़वी का व्यावहारिक रूप है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाह नासेरी: कुरआन पर अमल इंसान के व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में दिखाई देना चाहिए
ईरान के यज़्द प्रांत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि आयतुल्लाह नासेरी ने हिदायत और सामाजिक सेवा में मस्जिदों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि मस्जिदों को कुरआन और अहले बैत (अ) को केंद्र में रखते…
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उलेमा और मराजा ए इकरामख़ुदा की मारफ़त के लिए दिल और आँखों की बेदारी ज़रूरी हैः आयतुल्लाह जवादी आमोली
आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने बेदारी-ए-शब और नमाज़-ए-शब को ख़ुदा की मारिफ़त और कुर्ब-ए-इलाही के हुसूल का मुअस्सिर ज़रिया क़रार देते हुए इंसान की रूहानी बेदारी में तफ़क्कुर और शब-ज़िंदा-दारी…
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उलेमा और मराजा ए इकरामइंसान की जान लेने वाली बातें! पैगंबर-ए-अकरम (स) की एक अजीब रिवायत
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन उस्ताद रफीई ने स्पष्ट शब्दों में समाज के कलाकारों और खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे कही गई बातों के परिणामों के प्रति चेतावनी देते हुए कहा कि फिकही सिद्धांतों…
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उलेमा और मराजा ए इकरामगंभीर कदम, वैकल्पिक शैक्षिक रास्तों और जिहादी भावना के साथ शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करें: आयतुल्लाह आराफी
आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने भविष्य में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों के लिए हौज़ा इल्मिया को तैयार करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हाल के महीनों के संकटपूर्ण हालात और घटनाओं के कारण हौज़ा…
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उलेमा और मराजा ए इकरामछात्र जीवन के उतार-चढ़ाव में निराशा से बचने के लिए विद्वानों की महान जिम्मेदारियों को समझना जरूरी है: आयतुल्लाह शब ज़िंदादार
हौज़ा इल्मिया की सुप्रीम काउंसिल के सचिव आयतुल्लाह मुहम्मद महदी शब ज़िंदादार ने कहा है कि विद्वानों के महान स्थान और उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर ध्यान देने से छात्र अपनी शैक्षिक और प्रचारात्मक…
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आयतुल्लाह दरी नजफ़ाबादी:
उलेमा और मराजा ए इकरामदुश्मन इस्लामी समाज में फूट पैदा करने की कोशिश में है, उम्मत के वास्तविक हितों को सही ढंग से पहचानें
हौज़ा / आयतुल्लाह दरी नजफ़ाबादी ने हज़रत मूसा (अ.स.) और सामरी के प्रसंग, हज़रत हारून (अ.स.) के रुख तथा पैग़म्बरे इस्लाम (स.ल.) के निधन के बाद अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ.स.) के धैर्य का उल्लेख…
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उलेमा और मराजा ए इकरामक़यामत के दिन पैग़म्बर ए अकरम (स) के दीदार से वंचित रहने वाले तीन समूह
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन उस्ताद फ़रहज़ाद ने पैग़म्बर ए अकरम (स) की एक रिवायत की व्याख्या करते हुए बताया कि क़यामत के दिन तीन प्रकार के लोग उनके नूरानी चेहरे और सुंदर स्वरूप के दीदार से वंचित…
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उलेमा और मराजा ए इकरामइस्लामी विचारधारा में परिवार की अनूठी भूमिका
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन उस्ताद तराशियून ने इस्लामी विचारधारा में परिवार के उच्च स्थान पर ज़ोर देते हुए कहा कि परिवार की नींव को मज़बूत करने और पति-पत्नी के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के…