मंगलवार 6 जनवरी 2026 - 19:38
तेल की गंध आते ही अमेरिका, खूँखार और ख़तरनाक हो जाता है

हौज़ा / तुर्की की राष्ट्रवादी आंदोलन पार्टी के अध्यक्ष और राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान के क़रीबी सहयोगी देवलेट बहचेली ने वॉशिंगटन की नीतियों पर कड़ा हमला करते हुए अमेरिकी साम्राज्यवाद की तुलना एक शार्क से की उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को तेल की गंध आती है, तो वह रक्तपिपासु शार्क से भी ज़्यादा ख़तरनाक हो जाता है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,तुर्की की राष्ट्रवादी आंदोलन पार्टी के अध्यक्ष और राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान के क़रीबी सहयोगी देवलेट बहचेली ने वॉशिंगटन की नीतियों पर कड़ा हमला करते हुए अमेरिकी साम्राज्यवाद की तुलना एक शार्क से की उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को तेल की गंध आती है, तो वह रक्तपिपासु शार्क से भी ज़्यादा ख़तरनाक हो जाता है।

देवलेट बहचेली ने आज तुर्की की राष्ट्रीय संसद में अपनी पार्टी के संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक में वैश्विक घटनाक्रमों का विश्लेषण किया और वेनेज़ुएला में अमेरिका की कार्रवाई की तीखी आलोचना की।

बहचेली ने अमेरिका के हालिया हमले और वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण के प्रयास का उल्लेख करते हुए कहा, “सबसे पहले उस राष्ट्रपति को निशाना बनाया गया है जो वैध चुनावों के माध्यम से सत्ता में आया और जिसकी देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। यह एक अवैध हमला है, जिसकी मैं न केवल निंदा करता हूँ, बल्कि इसकी कड़ी भर्त्सना भी करता हूँ।

इसके बाद उन्होंने वॉशिंगटन की नीतियों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों की आलोचना करते हुए कहा, ट्रंप की बुद्धि और नैतिकता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अमेरिका का यह दावा कि, वह स्वयं वेनेज़ुएला को चलाएगा, ऊर्जा संसाधनों की लूट का संकेत है और नए साम्राज्यवाद व नए उपनिवेशवाद की पुनर्रचना को उजागर करता है।

अंत में बहचेली ने “या समझौता, या बल प्रयोग” की नीति की ओर इशारा करते हुए कहा कि, अमेरिका की ये कार्रवाइयाँ कभी भी वैध नहीं होंगी। उन्होंने कहा,रक्त की गंध सूँघने वाली शार्क से भी अधिक ख़तरनाक वह अमेरिकी साम्राज्यवाद है जिसे तेल की गंध आ गई हो।

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