हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी समाचर पत्र ने अपनी एक रिपोर्ट मे कहा है कि सऊदी अरब और खलीजी देश ईरान की अमेरिका की किसी भी संभावित हमले के विरोधी है और उसे रोकने की पूरी कोशिश कर रहे है।
जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीते कल ईरान को धमकी दी और ईरान मे चल रही अशांति और दंगो का समर्थन किया, साथ ही यह भी कहा कि हमारी मदद जल्दी इन दंगाईयो और आतंकवादीयो तक पहुचने वाली है। लेकिन दूसरी ओर अमेरिकी समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जनरल ने रिपोर्ट मे बताया कि सऊदी अरब और खाड़ी देश ईरान की अमेरिका के किसी भी संभावित हमले के विरधी है और उसे रोकने का पूरा प्रयास कर रहे है।
ट्रम्प ने कल अपनी एक ट्वीट मे ईरान मे चल रहे फसाद का समर्थन किया और चल रही हिंसा और नरसंहार की ओर जनता को दावत दी, और कहा कि एक बार फ़िर सड़को पर निकले और हमारी मदद आप तक पहुचंने वाली है।
ट्रम्प के इस ट्वीट के बाद अमेरकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि वाशिंगटन आजकल फ़ौजी कार्रवाई का इरादा नही रखता।
ट्रम्प के ट्वीट के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ मे ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद एरवानी ने संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख के नाम पत्र लिखते हुए अमेरिका के किसी भी संभावित हमले से सूचित किया।
उन्होने लिखा कि इस तरह के ग़ैर ज़िम्मेदारी वाला बयान अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का खुला उलंघ्घन है, जिसका परिणाम हिंसा और नरसंहार के अलावा कुछ नही होगा।
आपकी टिप्पणी