बुधवार 28 जनवरी 2026 - 07:54
शरई अहकाम । ज्ञान प्राप्त करने में आलस और समय बर्बाद करने का हुक्म

समय अल्लाह की खास नेमत और कीमती पूँजी है। इसलिए, ज्ञान प्राप्त करने में आलस और समय बर्बाद करना किसी मोमिन की निशानी नहीं है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ज्ञान प्राप्त करने में आलस और समय बर्बाद करने से संबंधित पूछे गए सवाल का आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने जवाब दिया है। जिसे हम अपने प्रिय पाठको और शरई मसाइल मे रूचि रखने वालो के लिए सवाल और उसका जवाब प्रस्तुत कर रहे है।

* ज्ञान प्राप्त करने में आलस और समय बर्बाद करने का हुक्म

सवाल: ज्ञान प्राप्त करने में आलस और समय बर्बाद करने का क्या हुक्म है? क्या यह हराम है?

जवाब: आलस और बेरोज़गारी में समय बर्बाद करना इशकाल रखता है। और जब तक किसी छात्र को स्पेशल स्टूडेंट बेनिफिट्स (जैसे स्कॉलरशिप, फाइनेंशियल एड इत्यादि) मिलते हैं, तब तक उसे स्टूडेंट्स के लिए निर्धारित टाइमटेबल का पालन करना चाहिए। अन्यथा उसे उन बेनिफिट्स का इस्तेमाल करना जायज़ नहीं है।

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