हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , भारत के डॉ. सैयद मोहम्मद अफ़ज़ल मुन्डाली (मेरठ) ने कहा है कि वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय संवेदनशील परिस्थितियों में आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई और इस्लामी गणराज्य ईरान का अडिग समर्थन एक सिद्धांतपूर्ण, गरिमामय और साहसिक रुख है।
ईरान ने जिस दृढ़ता, दूरदर्शिता और साहस के साथ वैश्विक अहंकार, गैरकानूनी प्रतिबंधों, राजनीतिक दबाव और मीडिया युद्ध का सामना किया है, वह समकालीन इतिहास में एक चमकदार उदाहरण बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय संप्रभुता, धार्मिक मूल्यों और मज़लूमों का समर्थन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जा सकता।
डॉ. सैयद मोहम्मद अफ़ज़ल ने कहा कि ईरान आज केवल एक देश नहीं है, बल्कि अत्याचार, अन्याय और एकतरफा वैश्विक व्यवस्था के खिलाफ एक मजबूत वैचारिक मोर्चा है। फिलिस्तीन, लेबनान और अन्य मजलूम कौमों के पक्ष में स्पष्ट और निडर आवाज उठाना ईरान की सिद्धांतपूर्ण नीति का सबूत है। ऐसे समय में जब कई देश समझौते और भय का शिकार हैं, ईरान का सच्चाई पर डटे रहना इस बात की घोषणा है कि सम्मान के साथ जीना ही असली सफलता है।
उन्होंने आगे कहा कि आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई का नेतृत्व केवल ईरान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी इस्लामी उम्माह के लिए दृढ़ता, जागरूकता और प्रतिरोध का प्रतीक है।
ईरान के साथ खड़ा होना वास्तव में सत्य, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और मज़लूमों की रक्षा के साथ खड़ा होना है और इतिहास गवाह है कि आखिरकार जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है।
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