मंगलवार 24 फ़रवरी 2026 - 20:51
अमेरिका और इस्राईल एक ही सिक्के के दो रुख़ हैं

हौज़ा / अंजुमन उलेमा ए यमन अमेरिका और इस्राईल को एक ही सिक्के के दो रुख़ क़रार दिया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , अंजुमन उलेमा ए यमन ने कब्जे वाले क्षेत्रों में तैनात अमेरिकी राजदूत के मध्य पूर्व, लेबनान और ईरान से संबंधित बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान जारी किया है।

बयान में कहा गया है कि अमेरिकी राजदूत के बयान उम्मत-ए-मुस्लिमा (मुस्लिम जगत) के खिलाफ हर प्रकार की आक्रामकता को वैध ठहराने, जबरन अपनी इच्छा थोपने और दुश्मन की योजनाओं को स्वीकार कराने की साम्राज्यवादी प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। इन बयानों पर अरब सरकारों की प्रतिक्रिया शर्मनाक, कमजोर और बेअसर है, और न तो अमेरिका और न ही ज़ायोनी इज़राइल इसकी कोई परवाह करते हैं।

संस्था ने जोर देकर कहा कि कुफ्र की अगुवाई करने वाली ताकतों की विस्तारवादी इच्छाओं को केवल युद्ध की तैयारी, व्यावहारिक संघर्ष, कुर्बानी के लिए पूर्ण तत्परता और ईमान एवं जिहाद के माध्यम से जन जागरूकता पैदा करके ही नाकाम बनाया जा सकता है। बयान में कहा गया कि कुरान की ओर गंभीरता से लौटना और नेताओं का अनुसरण ही उम्मत को अपमान और गुलामी से मुक्ति दिला सकता है और उसे वर्चस्व के परिणामों से सुरक्षित रख सकता है।

अंजुमन उलमा-ए-यमन ने कहा कि लेबनान, गाजा और वेस्ट बैंक पर आपराधिक हमले, मस्जिद-ए-अक्सा की बार-बार बेअदबी, सीरिया पर हमले और ईरान को धमकियाँ ऐसी परिस्थितियाँ हैं जो एक संयुक्त इस्लामी रुख और उच्च स्तर की तैयारी की मांग करती हैं।

सरकारों की गुलामी और कुछ के दुश्मन के साथ मिलीभगत के बावजूद, उम्मत को वर्तमान स्थिति के खतरों से अवगत रहना चाहिए और समझ लेना चाहिए कि इन परिस्थितियों से लापरवाही बड़े सन्हातों को जन्म दे सकती है।

अंजुमन उलमा-ए-यमन ने अंत में जोर दिया कि उम्मत, विशेष रूप से उलेमा लोगों में चेतना जगाएँ, उन्हें अल्लाह की राह में जिहाद के लिए प्रोत्साहित करें और अमेरिका व इजराइल से बराअत का आह्वान करके अपनी जिम्मेदारी पूरी करें।

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