हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडफोल ने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया है कि बर्लिन ईरान के साथ संवाद करके किसी संभावित समझौते पर पहुँचना चाहता है।
उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से संबंधित अमेरिकी मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि बर्लिन संवाद के माध्यम से इस मसले का हल निकालना चाहता है।
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट है कि यूरोपीय सेनाएँ भी वह काम नहीं कर सकतीं जो अमेरिकी सेना अब तक करने में असफल रही है।
उन्होंने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और अमेरिका द्वारा बढ़ाई गई तनावपूर्ण परिस्थितियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है।
उनका कहना था कि ईरान में अस्थिरता से न केवल जर्मनी और ईरानी जनता बल्कि पूरा क्षेत्र प्रभावित होगा।
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