हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरानी धार्मिक मदरसों की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य आयतुल्लाह मोहसिन अराकी ने क़ुम के लोगों की रैली के दौरान हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि हमें ईरानी क़ौम को यह महान राष्ट्रीय बेअसत प्रदान करने पर ईश्वर का शुक्रिया अदा करना चाहिए, जैसा कि हमारे महान शहीद रहबर ने फरमाया था कि "अल्लाह इस क़ौम को मिशन से नवाज़ेगा" और आज हम उसी बेअसत को देख रहे हैं।
मजलिस-ए-ख़ुबरगान-ए-रहबरी के सदस्य ने आगे कहा कि ईरानी क़ौम की बेअसत एक नई बेअसत है। बेअसत इस अर्थ में कि इस क़ौम के शरीर में एक नई रूह फूंक दी गई है, एक ईश्वरीय रूह, शहादत का जज़्बा, प्रतिरोध का जज़्बा और स्थिरता का जज़्बा जब तक इस क़ौम को अंतिम विजय नसीब न हो जाए।
जामेअ-ए-मुदर्रेसीन-ए-हौज़ा-ए-इल्मिया-ए-क़ुम के सदस्य ने कहा कि हमें विश्वास है कि इस क़ौम को ईश्वरीय विजय हासिल होगी; जो क़ौम ईश्वर के लिए क़ियाम करेगी, प्रतिरोध करेगी और इस रास्ते पर सब्र करेगी तो उसे निश्चित विजय हासिल होगी।
आयतुल्लाह मोहसिन अराकी ने कहा कि ईरानी क़ौम का रातों में सड़कों पर मौजूद रहना ईश्वरीय रास्ते में क़ौम के प्रतिरोध का सबसे अच्छा प्रमाण है और इस प्रतिरोध का यह फल अंतिम विजय का रास्ता है।
उन्होने ने कहा कि सड़कों पर ईरानी जनता की मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि इन लोगों पर ईश्वर की रहमत नाज़िल हुई है और ईश्वर की इच्छा से ईरानी क़ौम को अंतिम और निश्चित विजय हासिल होगी।
आयतुल्लाह अराकी ने आगे कहा कि इस जंग का नतीजा ईरानी क़ौम की सरबुलंदी का कारण बनेगा और ईश्वर की इच्छा से यह क़ौम सरबुलंदी और तरक्की के किले पर होगी।
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