हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,यमन की सुरक्षा और खुफिया एजेंसी ने कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो सीधे इज़राईली दुश्मन की जासूसी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे थे उनके नेटवर्क को बर्बाद कर दिया।
यमन की सुरक्षा बलों ने कई जासूसों को गिरफ्तार किया है जो इज़राइली जासूसी एजेंसियों (जैसे 'अमान' और 'मोसाद') के लिए काम कर रहे थे। इनका उद्देश्य यमन को नुकसान पहुँचाना और उसे 'ग्रेटर इज़राइल' योजना के खिलाफ़ उसके रुख से हटाना था।
गिरफ्तार किए गए लोग ज़ायोनी दुश्मन के लिए जासूसी कर रहे थे। वे यमन के अंदर महत्वपूर्ण सैन्य और सुरक्षा संबंधी जानकारियाँ, सैन्य ठिकानों के नक्शे, और कई आर्थिक प्रतिष्ठानों के बारे में गुप्त जानकारी दे रहे थे। वे यह डेटा कई जासूसी ऐप्स और संचार कार्यक्रमों के ज़रिए भेज रहे थे।
यमन की खुफिया एजेंसी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यमन के लोग हमेशा दुश्मनों की साजिशों के खिलाफ़ मजबूत दीवार बने रहे हैं। उन्होंने सभी से और अधिक सतर्क रहने को कहा ताकि दुश्मन यमन को फिलिस्तीन और इस्लामिक उम्माह के मुद्दों का समर्थन करने और 'ग्रेटर इज़राइल' योजना का विरोध करने वाले उसके अग्रणी रुख से न हटा सकें।
बता दें कि यमन की सेना ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह अमेरिका और इज़राइल के ईरान, लेबनान और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमले के खिलाफ़ लड़ाई में आधिकारिक तौर पर शामिल हो गई है। तब से वह फिलिस्तीन के कब्जे वाले इलाकों में इज़राइली ठिकानों पर कई हमले कर चुके हैं।
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