हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरान में इमाम ए जुमआ की नीति-निर्माण परिषद के प्रमुख हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन मोहम्मद जवाद हाजी अली अकबरी ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के खुफिया विभाग के प्रमुख सरदार माजिद खादिमी की शहादत पर गहरे दुख और शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मुजाहिदों की ये कुर्बानियाँ अमेरिका और सियोनी शासन के विनाश के मार्ग को और अधिक सुगम बना देंगी।
अपने शोक संदेश में हाजी अली अकबरी ने कहा कि सरदार माजिद खादिमी ने अपने धन्य जीवन का अधिकांश भाग इस्लामी क्रांति, ईरान की सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि वे उन मुजाहिद व्यक्तित्वों में शामिल थे जिन्होंने युवावस्था से लेकर अपने अंतिम क्षणों तक सेवा, त्याग और जिहाद के मैदान में अपने कर्तव्यों का पालन किया।
उन्होंने कहा कि सरदार खादिमी अत्यंत प्रतिभाशाली, सम्मानित, विचारशील और विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे और हाल के महीनों में ईरान की सुरक्षा को मजबूत करने में उनकी सेवाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण रहीं।
हाजी अली अकबरी ने इस शहादत पर रहबर-ए-इंकिलाब-ए-इस्लामी सिपाह-ए-पासदारान के कमांडरों, देश की खुफिया समुदाय, सिपाह खुफिया संगठन के अधिकारियों और शहीद के परिवार के प्रति शोक और संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि शहीदों का मार्ग ही सत्य, सम्मान और सफलता का मार्ग है, और ऐसे महान मुजाहिदों की कुर्बानियाँ दुश्मन के नीच इरादों को मिट्टी में मिला देंगी। उनके अनुसार, इंशाअल्लाह, इन्हीं मुजाहिदों और शहादतों की बरकत से अमेरिका और सियोनी शासन के खिलाफ विजय का मार्ग पहले से अधिक उज्जवल और निकट हो जाएगा।
संदेश के अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि ईरान की महान और इतिहास-रचयिता जनता अपने धैर्य और प्रतिरोध से भरे रोल के माध्यम से मानवता-विरोधी ताकतों को हार का कड़वा स्वाद चखाएगी।
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