हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , शिया उलेमा काउंसिल पंजाब के कासिम अली कासिमी ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने घुटने टेक दिए, अब चेहरा बचाने के लिए संघर्ष विराम को खत्म करने की बातें कर रहा है।
उन्होंने कहा, इस्लामी जम्हूरिया ईरान की गैरतमंद जनता और नेतृत्व को सलाम पेश करते हैं, जिनकी जुर्रत, बहादुरी, दृढ़ता, उच्च सफरतकारी (कूटनीति), मैदान में डटे रहने और हैदर-ए-कर्रार हज़रत अली के सच्चे अनुयायी होने का किरदार निभाने के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी मूर्खताओं के कारण ज़मीनबोस हो चुका है, जबकि अमेरिका की वैश्विक बदमाशी भी खत्म हो चुकी है, इंशाअल्लाह, अब दुनिया का वैश्विक राजनीतिक नक्शा और ताकत के धुरी भी बदलेंगे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से ईरान एक सुपर पावर के रूप में उभरा है, वह सभी इस्लामी देशों के लिए गर्व, प्रेरणा और अनुकरणीय काबिल-ए-तक्लीद है कि अमेरिका जैसी सुपर पावर ईरान के सामने बेबस हो चुकी है।
ट्रंप की खोखली धमकियों को ईरानियों ने अपने पैरों तले रौंद दिया है। वह ट्रंप जो ईरान को पत्थर के ज़माने में वापस भेजने की बातें करता था, अब मध्य पूर्व की नुमाइंदगी (प्रतिनिधित्व) करने और हमलों को रोकने के ऐलान कर रहा है। यह सब अल्लाह तआला पर पूर्ण ईमान, तवक्कुल और इस्लामी मूल्यों को अपनाने के कारण हुआ है।
कासिम अली कासिमी का कहना था कि अपनी मूर्खताओं के कारण ट्रंप पूरी दुनिया में अकेला हो चुका है, अमेरिकी जनता के लिए शर्मिंदगी का सबब बनने वाले ट्रंप का महाभियोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व से अमेरिकी ठिकानों (अड्डों) का स्थायी रूप से खात्मा ज़रूरी हो चुका है, इस्लामी देशों को अमेरिका से हर तरह के राजनयिक, व्यापारिक और रक्षा समझौते खत्म करके एक उम्मत होने का सबूत देते हुए ईरान और पाकिस्तान से समझौते करने चाहिएं।
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