हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान के धार्मिक नगर क़ुम मे भारतीय छात्रो सहित उर्दू भाषीय छात्रो ने मदरसा हुज्जतिया मे मगरिब की नमाज़ के पश्चात चेहलुम की रात मे एक मजलिस ए अज़ा और जुलूस का आयोजन किया।
मजलिस का आरम्भ क़ुरआन पाक की तिलावत से हुआ उसके बाद पाकिस्तान के शायर जनाब शहरयार हुसैन ने और उनके बाद शफ़ी भीकपुरी ने कलाम पेश किया।
फ़ोटो देखने के लिए क्लिक करेःहज़रत सय्यद उश शोहदा के चेहलुम की रात मे मजलिस अज़ा का आयोजन ईरान के
उनके बाद मजलिस के खतीब हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मौलाना ज़ैग़मुर रिज़वी ने मजलिस को संबोधित किया। मौलाना ने अपने बयान मे विलायत मुतलेका़ को पूर्ण विस्तार से बयान किया।
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मौलाना ने वली फ़क़ीह की विलायत मुतलका़ को साबित करने के लिए इमाम हसन असकरी (अ) की एक हदीस पेश की जिसमे इमाम ने फ़रमाया फ़क़ीह को जनता पर वली क़रार दिया।
मजलिस के पश्चात छात्रो ने अमेरिका मुर्दाबाद, इस्लाईल मुर्दाबाद, अल्लाहो अकबर ख़ामेनई रहबर, ख़ामेनई कौसर है उनका दुशमन अब्तर है के गगन भेदी नारो के साथ मदरसा ए हुज्जतिया से हरम मासूमा (स) तक जुलूस निकाला जो हरम मे जाकर समाप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह प्रोग्राम उन मदरसो की ओर से आयोजित किया गया था जो ईरान मे उर्दू भाषा बोलने वाले छात्र है जिनमे 13 मदरसो सम्मिलित थे उनमे मदरसा अलक़ायम, मदरसा हैदर कर्रार, मदरसा मुंतज़र, मदरसा अलवी दारुल क़ुरआन, मदरसा इमाम सज्जाद आदि उल्लेखनीय है।
हरम मे पहुंचकर मदरसो के प्रधानाध्यापको ने एक बयान पढ़ा और नए सर्वोच्च नेता के साथ बैअत की घोषणा की।
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