हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, फ़ाज़िल लंकरानी ने कहा कि ट्रंप न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने सभी धर्मों, विशेषकर ईसाई व यहूदी पवित्रताओं को नीचा दिखाया है। पोप की आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें केवल धार्मिक कार्यों में रहना चाहिए, राजनीति में नहीं। फ़ाज़िल लंकरानी ने इसे अहंकारी अज्ञानता करार दिया।
उन्होंने कहा कि पोप का युद्ध विरोध और निर्दोषों के नरसंहार के खिलाफ रुख बाइबिल पर आधारित धार्मिक कर्तव्य है। कुरआन की आयत (माएदा: 32) के हवाले से उन्होंने कहा कि एक निर्दोष की हत्या पूरी मानवता के कत्ल के समान है। ट्रंप और नेतन्याहू नरसंहार के दोषी हैं।
उन्होंने कहा कि आज ईरान, फिलिस्तीन और लेबनान के मजलूम लोगों की आवाज़ पूरी दुनिया में गूंज रही है। अमेरिका व यूरोप की सड़कों पर भी ईरानी क्रांति के समर्थन में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनई और रमज़ान युद्ध के शहीदों के खून का पूरा असर दिखे और सभी राष्ट्रों का ध्यान इमाम महदी (अ) की ओर अधिक गहरा हो।
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