मंगलवार 5 मई 2026 - 22:14
खबरों के प्रसार में सच्चाई, सटीकता और तेज़ी बहुत ज़रूरी हैं

हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन ग़ुलाम अली ने शहीद रहबर इस्लामी इंक़िलाब की पुरानी इच्छा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि 'एक इस्लामी उम्मत का बनाना' हमेशा उनका ज़ोर रहा है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , अहले सुन्नत मदरसों की योजना परिषद के सचिव हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मेंहदी ग़ुलाम अली अपने सहायकों के साथ हौज़ा ए इल्मिया ईरान के मीडिया और साइबर स्पेस सेंटर आए और हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अलग अलग हिस्सों का दौरा किया।

इस दौरे के बाद अहले सुन्नत मदरसों की योजना परिषद के सचिव ने हौज़ा-ए-इल्मिया ईरान के मीडिया और साइबर स्पेस सेंटर के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रज़ा रुस्तमी और इस केंद्र के प्रबंधकों के साथ हुई एक बैठक में रसूल-ए-ख़ुदा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि व सल्लम की एक हदीस का हवाला देते हुए कहा, रसूले अकरम स.ल. फरमाते हैं,نَضَّرَ اَللَّهُ عَبْداً سَمِعَ مَقَالَتِی فَوَعَاهَا ثُمَّ بَلَّغَهَا إِلَی مَنْ لَمْ یَسْمَعْهَا ख़ुदा उस बंदे को तरो-ताज़ा रखे जो मेरी बात सुने, उसे अच्छी तरह समझे, और फिर उसे उन लोगों तक पहुँचाए जिन्होंने वह बात नहीं सुनी।

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन ग़ुलाम अली ने खबरों के फैलाने में सहीपन, सटीकता और तेज़ी की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा, अगर सच में हम खबरों के असर पर यकीन रखते हैं, तो हमें सटीकता का ध्यान रखना चाहिए और तेज़ी भी रखनी चाहिए, लेकिन यह तेज़ी खबर की सामग्री को कमज़ोर करने का कारण नहीं बननी चाहिए।

उन्होंने इस्लामी इंक़िलाब के शहीद रहबर की एक पुरानी ख्वाहिश की तरफ इशारा करते हुए कहा, उन्होंने हमेशा "एक इस्लामी उम्मत के गठन" पर ज़ोर दिया।

अहले सुन्नत मदरसों की योजना परिषद के सचिव ने आगे कहा,शहीद रहबर-ए-इंक़िलाब ने बार-बार ताकीद की है,मुझे पचास साल से ज़्यादा समय से एक उम्मत के गठन की चिंता है; जब मैं मशहद में मस्जिद-ए-करामत में था आज तक जहाँ मैं रहबरी की ज़िम्मेदारी निभा रहा हूँ।यहाँ तक कि शहीद रहबर-ए-इंक़िलाब ने अपनी आखिरी मुलाकातों में भी एकता के मुद्दे पर ज़ोर दिया।

उन्होंने इलाके में हाल की जंगों की तरफ इशारा करते हुए कहा,अगर सच में इस्लामी समाज एक होता और अरब देश अमेरिका को अच्छा व्यवहार न दिखाते, तो कोई जंग मौजूद न होती और अमेरिका इस क्षेत्र में मौजूद न होता।

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