हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,यमन के अंसारुल्लाह के प्रमुख अब्दुल मलिक अल-हौथी ने कहा है कि इज़राइल को ईरान के साहस और धैर्य के सामने करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद वह नए आक्रामक कदमों की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ज़ायोनी तत्वों और उनके समर्थकों द्वारा कुरान और इस्लामी पवित्र चीज़ों का अपमान असल में इस्लाम और मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश है। यह ज़ायोनी साज़िश पूरी मानवता के लिए बेहद खतरनाक है। मुस्लिम समुदाय को चाहिए कि वह ज़ायोनियों और उनके समर्थकों की बुराई का सामना करे।
उन्होंने यह भी कहा कि ज़ायोनी तत्व इस साज़िश के तहत इस क्षेत्र में अपनी जारी हमलावर कार्रवाइयाँ और तेज़ करना चाहता हैं, खासकर उस हार के बाद जो उन्हें ईरान के हाथों मिली है।
अल-हौथी ने कहा कि असली खतरा दुश्मन की साज़िशों को नज़रअंदाज़ करने और उसके शैतानी मंसूबे को रास्ता देने में है। हमारी क़ौम अमेरिकी-ज़ायोनी हमलों और इस्लाम तथा मुसलमानों के ख़िलाफ़ खतरों से बेखबर नहीं है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मैदान में मजबूत मौजूदगी के ज़रिए अमेरिका और इज़राइल के किसी भी आक्रामक कदम का मुकाबला करने के लिए अपनी तैयारी दिखाएँ।
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