शनिवार 30 मई 2026 - 10:06
अत्याचार मे भागीदारी

हज़रत अमीरुल मोमेनीन (अ) ने एक रिवायत मे फ़रमाया कि अत्याचार करने वाला, उसकी मदद करने वाला और अत्याचार पर राज़ी रहने वाला भागीदार है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार: निम्नलिखित रिवायत तोहफ़ उल उक़ूल किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

قال امیرالمؤمنین عليه السلام:

اَلْعامِلُ بِالظُّلْمِ وَ الْمُعینُ عَلَیْهِ وَ الرّاضِیُ بِهِ شُرَکاءُ ثَلاثَهٌ

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:

"ज़ुल्म करने वाला, ज़ुल्म में मदद करने वाला और ज़ुल्म पर राज़ी होने वाला — ये तीनों (ज़ुल्म के गुनाह में) साझीदार हैं।"

तोहफ़ उल उक़ूल, भाग 1, पेज 216

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