दिन कि हदीस (188)
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धार्मिकअप्रिय इच्छाओं से बचें!
इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में मोमिन के लिए एक अप्रिय कार्य की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकअहले बैत अलैहिमुस्सलाम से मदद मांगना
इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में शियाओं को निर्देश दिया है कि मुश्किल के समय अहले बैत अलैहिमुस्सलाम से मदद मांगें।
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दिन की हदीस
धार्मिकदूसरों को तौबा के बाद सरज़निश करने का परिणाम
इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में किसी मोमिन को उसके तौबा कर लेने के बाद भी उसके गुनाह पर मलामत करने के परिणाम की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीस
धार्मिकबेटियों की महानता
पैगंबर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत में बेटियों की महानता और उच्च स्थान की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकसत्य की कड़वाहट और असत्य की मिठास
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व.ने एक रिवायत में फरमाया, सत्य और असत्य की वास्तविकता तथा सांसारिक इच्छाओं का अनुसरण करने के परिणाम को स्पष्ट किया है।
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दिन की हदीस
धार्मिकख़ुदा के नज़दीक सबसे पसंदीदा अमल
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में नमाज़ की फ़ज़ीलत और उसे वक़्त पर अदा करने की अहमियत की ओर इशारा फ़रमाया है।
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धार्मिकहक़ के बचाव में डट जाना
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में बातिल के मुक़ाबले में डट जाने और स्थिरता पर ज़ोर दिया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबात को आगे बढ़ाने से पहले उस पर विचार करें
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने एक हदीस में इस बात पर ज़ोर दिया है कि किसी बात को आगे सुनाने से पहले उसे गहराई से समझना और उस पर विचार करना चाहिए।
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धार्मिकजंग के मैदान मे अल्लाह का ज़िक्र
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक हदीस में योद्धाओं को जंग के मैदान में अल्लाह का अधिक ज़िक्र करने और व्यर्थ की बातों से बचने की सलाह दी है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइस्लाम: प्रेम और मानवता का धर्म, यहाँ तक कि युद्ध के मैदान में भी
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली (अ) ने एक आदेश-पत्र में युद्ध की स्थिति में भी मानवीय नैतिकता और अधिकारों का पालन करने के सिद्धांत बताए हैं।
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दिन की हदीस
धार्मिकइमाम ज़माना (अ) की ग़ुरबत
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में हज़रत वली-ए-अस्र (अ) की ग़ुरबत और तन्हाई का उल्लेख किया है।
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धार्मिकजनाज़े में शामिल होने वालों का अज्र और सवाब
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में मोमिन के जनाज़े में शामिल होने वालों के लिए इलाही इनाम को बयान किया है।
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धार्मिकसर्वोच्च भलाई और नेकी
पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में शहादत के महान महत्व का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइमाम हुसैन (अ) के कलाम मे मुनाफिक़ की पहचान
इमाम हुसैन (अ) ने एक रिवायत में बताया है कि पैगंबर मुहम्मद (स) के समय में मुनाफिकों की पहचान क्या थी।
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दिन की हदीसः
धार्मिकअमीरुल मोमेनीन (अ) के कलाम में शहादत का शौक़
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली इब्न अबी तालिब (अ) ने एक रिवायत में शहादत के उच्च स्थान और उसके प्रति अपनी गहरी अभिलाषा का वर्णन किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकअहलेबैत (अ) के मक्तब को जीवित रखना
इमाम रज़ा (अ) एक रिवायत में अहलेबैत (अ) के ज्ञान को सीखने और उसे फैलाने की अहमियत पर जोर देते हैं।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहक़ीक़ी मोमिन की निशानियाँ
पैग़म्बर अकरम (स) ने एक रिवायत में सच्चे और हक़ीक़ी मोमिन की दो अहम विशेषताओं को बयान किया है।
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धार्मिकगुनाह छोड़ने में सच्ची कोशिश
पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत में सबसे अधिक मेहनत करने वाला इंसान उसको बताया है जो गुनाह से दूर रहता है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकसच्चे शिया की पहचान
इमाम हुसैन (अ) ने एक रिवायत में अहले-बैत (अ) के सच्चे शियो के गुणों का वर्णन किया है।
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धार्मिकइमाम हुसैन (अ) के अज़ादारों का क़यामत के दिन दर्जा
इमाम रज़ा (अ) ने एक हदीस में आशूरा के दिन अज़ादारी करने वालों के क़यामत के दिन के उच्च स्थान का वर्णन किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइमाम हुसैन (अ) की जुदाई में ख़ून के आँसू
इमाम ज़माना, हज़रत महदी (अ) ने ज़ियारत-ए-नाहिया में अपने दादा हज़रत अबा अब्दिल्लाहिल हुसैन (अ) के लिए अपने गहरे दुःख, ग़म और अपार मोहब्बत को व्यक्त करने वाले शब्द कहे हैं।
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धार्मिकइमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जन्नत के दरवाज़ों में से एक दरवाज़ा
पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने एक रिवायत में इमाम हुसैन (अ) को जन्नत के दरवाज़ों में से एक दरवाज़ा क़रार दिया है।
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धार्मिकइमाम हुसैन (अ) से प्रेम, इंसान के लिए इलाही ख़ैर की निशानी है
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में हज़रत अबा अब्दिल्लाह अल-हुसैन (अ) से मोहब्बत और उनकी ज़ियारत की चाहत को अल्लाह की ओर से मिलने वाली भलाई और बरकत की निशानी बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की ज़ायरीन-ए-इमाम हुसैन (अ) के हक़ में दुआ
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) के उस विशेष करम का उल्लेख किया है जो वह इमाम हुसैन (अ) के ज़ायरीन पर करती हैं।
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धार्मिकअहले-बैत (अ) से मोहब्बत का परिणाम
इमाम हुसैन (अ) ने एक हदीस में अहले-बैत (अ) से मोहब्बत के प्रभावों और बरकतों का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकगरीब और अमीर के साथ समान सम्मान
इमाम रज़ा (अ) ने एक रिवायत में इंसानों की गरिमा बनाए रखने और लोगों के साथ व्यवहार में भेदभाव से बचने पर ज़ोर दिया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिककिसी मोमिन की समस्या का समाधान करना
इमाम रज़ा (अ) ने एक रिवायत में मोमिनों की समस्याओं को दूर करने के प्रतिफल का उल्लेख किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकदूसरों पर एहसान जताने की आफ़त
इमाम हसन मुजतबा (अ) ने एक रिवायत में एहसानों और नेकियों को गिन-गिनकर जताने के नुकसान की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहज़रत ज़हरा (स) की तस्बीह की फ़ज़ीलत
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की तस्बीह के उच्च स्थान और महान महत्व की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकनमाज़; अल्लाह के नज़दीक सबसे महबूब अमल
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) एक रिवायत में अल्लाह की बारगाह में नमाज़ के विशेष स्थान की ओर संकेत करते हैं।