शुक्रवार 3 जुलाई 2026 - 18:58
शहीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामनेई मासूमीन (अ) की सीरत का संपूर्ण दर्पण थे

हौज़ा /हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सफदर हुसैन ज़ैदी ने कहां,शहीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामनेई (रह.) ने इंसानी फितरत की इस प्राकृतिक न्यायिक आवश्यकता को इस प्रकार पूरा किया कि वे उन लोगों के लिए एक व्यावहारिक आदर्श बन गए, जो उन्हें अपना न्यायप्रिय फक़ीह और मरजा मानते थे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , उत्तर प्रदेश जौनपुर/ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सफदर हुसैन ज़ैदी प्रिंसिपल, हौज़ा-ए-इल्मिया इमाम सादिक स.ल.ने फरमाया,शहीद हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामनेई (रह.) ने इंसानी फितरत की इस प्राकृतिक न्यायिक आवश्यकता को इस प्रकार पूरा किया कि वे उन लोगों के लिए एक व्यावहारिक आदर्श बन गए, जो उन्हें अपना न्यायप्रिय फक़ीह और मरजा मानते थे।

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सफदर हुसैन ज़ैदी ने आगे कहां, इमाम ज़माना (अ.ज.) के सच्चे इस्तकबाल के लिए अत्याचार-विरोधी विचारधारा को बढ़ावा दिया, न्याय की स्थापना के लिए अपनी पूरी क्षमता के अनुसार प्रयास किए, और इस मार्ग में शहादत को गले लगाया।

अंत में उन्होंने कहा यह सिलसिला यहाँ तक जारी रहा कि दुनिया का सबसे बड़ा अत्याचारी उनके सामने घुटनों पर आ गया। मासूमीन अ.स.के अतिरिक्त ऐसी मिसाल दुनिया में कहीं नहीं मिलती, सिवाय उनके इस शहीद सेवक के।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha