रविवार 22 फ़रवरी 2026 - 12:20
मुंबई में मौलाना सैयद अनीसुल हसन ज़ैदी सुपुर्द-ए-ख़ाक, सैकड़ो की संख्या में लोगों ने भाग लिया

हौज़ा / मौलाना सैयद अनीसुल हसन ज़ैदी को मुंबई में सैकड़ों सोगवारों की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन के मौक़े पर शहर की इल्मी, समाजी और मज़हबी शख्सियात की बड़ी तादाद मौजूद रही।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मौलाना सैयद अनीसुल हसन ज़ैदी को मुंबई में सैकड़ों अफ़राद की मौजूदगी में दफ़्न किया गया। शदीद गर्मी और रोज़े की हालत के बावजूद मोमिनीन की क़ाबिले-गौर तादाद ने तशीई ए जनाज़ा में शिरकत करके अपने महबूब आलिम-ए-दीन और ख़ादिम-ए-क़ौम-ओ-मिल्लत से अपनी अकीदत का इज़हार किया।

तदफ़ीन के मौक़े पर मुख़्तलिफ़ समाजी व दीनी इदारों के ज़िम्मेदारान ने शिरकत करके मरहूम की इल्मी और समाजी ख़िदमात को ख़िराज-ए-तहसीन पेश किया। इस मौक़े पर जुम्हूरिया-ए-इस्लामी ईरान के कौंसलर जनरल मुसीब रज़ा मुतलक, कल्चरल डायरेक्टर रज़ा फ़ाज़िल, सदर खोजा ट्रस्ट रज़ा अली बंदे अली, ग़ुलाम मोहम्मद लाखानी, अली अकबर लाखानी, मोहम्मद अली नासिर और ज़ैन नासिर समेत दीगर मुअज्ज़ज़ शख्सियात मौजूद थीं।

उलमा-ए-किराम में नमायां तौर पर हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अहमद अली आबिदी इमाम-ए-जुमआ व जमाअत मुंबई, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रूहे ज़फ़र, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मोहम्मद ज़की हसन नूरी, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शौकत अब्बास, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन ग़ुलाम असकरी, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन तक़ी आगा (हैदराबाद), हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अख़्तर अब्बास जून (लखनऊ), हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन कुमैल असग़र (पूना), हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन फ़ैयज़ बाक़िर, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आदिल हुसैन ज़ैदी (इमाम जमाअत इमामिया मस्जिद), हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद मोहम्मद क़ैसर (उस्ताद जामिआ अमीरुल मोमिनीन), हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद ज़ुल्फ़िकार हुसैन (इमाम जमाअत खोजा मस्जिद बांद्रा), हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन फ़रमान मौसवी, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अज़ीज़ हैदर, मौलाना वक़ार साहब, मौलाना नियाज़ हैदर साहब, मौलाना दुबैल असग़र, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मोहसिन नासिरी, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मशहदी जलालपुरी, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मोहम्मद तक़ी (इमाम-ए-जुमा बिजनौर लखनऊ), हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन आबिद रज़ा रिज़वी कर्रवी, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हसन रज़ा बनारसी, सैयद ग़ाज़ी नक़वी और ग़ुलाम मेंहदी मौलाई समेत दीगर उलेमा व फ़ोज़ला शरीक रहे।

नमाज़-ए-जनाज़ा शहर के बुज़ुर्ग आलिम-ए-दीन हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन मेंहदी हुसैनी ने पढ़ाई, जबकि इससे पहले एक मुख़्तसर मगर पुरअसर मजलिस से हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन वसी हसन ख़ान ने ख़िताब किया। उन्होंने मरहूम की इल्मी ख़िदमात, तक़वा, इख़लास और क़ौम-ओ-मिल्लत के लिए उनकी शबाना-रोज़ कोशिशों को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।ख़िताब के दौरान मसाएब-ए-सैयदुश्शोहदा अलैहिस्सलाम का तज़किरा इस अंदाज़ में किया गया कि शोरक़ा की आंखें नम हो गईं।

मौसम की शदीद तपिश और रोज़े की हालत के बावजूद जनाज़े में अवाम की बड़ी तादाद की शिरकत इस बात का अमली सुबूत थी कि मौलाना सैयद अनीसुल हसन ज़ैदी एक हर दिलअज़ीज़, मुख़लिस और बाक़िरदार रहनुमा थे। सोगवारान ने उन्हें आख़िरी आरामगाह तक पहुंचाया और उनकी बुलंदी-ए-दराज़ात के लिए ख़ुसूसी दुआएं कीं।

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