हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , बैनुल हरमैन का पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ है, जहाँ लोग शहीद नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उपस्थित हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन की कवरेज के लिए 3,000 से अधिक पत्रकार कर्बला में मौजूद बताए गए हैं।
इराक़ की सरकारी समाचार एजेंसी ने भी जानकारी दी कि शहीद नेता का पवित्र पार्थिव शरीर कर्बला-ए-मुअल्ला पहुँच गया है।
ईरानी सरकारी टेलीविज़न के संवाददाता के अनुसार, इराक़ी अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि इस समय कर्बला में विश्व के शिया समुदाय के शहीद नेता की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए 60 लाख (3.9 मिलियन) से अधिक लोग मौजूद हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह संख्या उसी दिन नजफ़ में हुई अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की तुलना में लगभग दोगुनी है।
एक अन्य वीडियो में लाल परचम लिए एक इराक़ी नागरिक यह कहते हुए दिखाई देता है, “हम शहीद नेता के ख़ून का बदला लेंगे। वहीं एक अन्य वीडियो में शहीद नेता का पार्थिव शरीर इमाम हुसैन (अ.स.) के हरम की ओर जाने वाले मार्ग तथा पैदल ज़ायरीन के जुलूसों के बीच से कर्बला में प्रवेश करता हुआ दिखाया गया है।
नजफ़ में आयोजित अंतिम यात्रा के दौरान दजला नदी के उत्तर एवं पूर्वी क्षेत्र के ऑपरेशन कमांडर अबू हुसाम अल-सहलानी भी लाखों शोकाकुल लोगों के बीच भावुक होकर रो पड़े और श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक अन्य दृश्य में 14 महीने की शहीद बच्ची ज़हरा का पार्थिव शरीर जब हज़रत इमाम हुसैन (अ.) के हरम में लाया गया, तो अनेक इराक़ी महिलाएँ विलाप करती दिखाई दीं।
फ़ार्स समाचार एजेंसी द्वारा जारी अंतिम वीडियो में इमाम हुसैन (अ..स. के हरम की ओर जाने वाली सड़क पर “या लसारातल ख़ामनेई” (ऐ ख़ामनेई के ख़ून का बदला लेने वालों) लिखा लाल परचम फहराते हुए भी दिखाया गया।
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