कर्बला का सफर (7)
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धार्मिक28 सफ़र की रात और दिन के आमाल; पैग़म्बरे इस्लाम और इमाम हसनؑ की ज़ियारत का तरीका
धार्मिक स्रोतों में 28 सफ़र के दिन आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आमाल और आदाब बताए गए हैं। इनमें ग़ुस्ल, रोज़ा और «या शदीदल-क़ुवा» दुआ पढ़ने से लेकर पैग़म्बरे इस्लाम की ज़ियारत, नमाज़-ए-ज़िया…
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इंटरव्यूअरबईन-ए-हुसैनी इंसान साज़ी, वैश्विक जागरूकता और अहलेबैत (अ.) की सभ्यता का जीवंत प्रतीक है: मौलाना सय्यद फ़ैज़ान हैदर जवादी
प्रसिद्ध धार्मिक कार्यकर्ता और प्रचारक मौलाना सय्यद फ़ैज़ान हैदर जवादी, इन दिनों अरबीन-ए-हुसैनी के अवसर पर नजफ़ अशरफ़ से कर्बला मौअल्ला तक पैदल यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने नजफ़ से यात्रा के दौरान…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअरबईन के आध्यात्मिक सफर में नैतिक और आत्मिक आचरण का महत्व
अरबईन का पैदल सफर महज़ एक शारीरिक मशक़्क़त या बड़े इज्तिमा का नाम नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक सफर और आत्मिक उन्नति की व्यावहारिक निशानी है। इस सफर में ज़ाइर अपनी शारीरिक थकान को आध्यात्मिक…
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ईरानकर्बला में शहीद रहबर की अंतिम यात्रा में 60 लाख से अधिक लोगों उपस्थित हुए
हौज़ा / कर्बला में शहीद शिया नेता की अंतिम यात्रा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए।जारी वीडियो में लोगों को लाल “ख़ून का बदला” वाले परचम और शहीद नेता की तस्वीरें हाथों में लिए अंतिम…
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गैलरीफ़ोटो / कर्बला ए मौअल्ला में तुवैरिज़ का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अज़ा, लाखों अज़ादार इमाम हुसैन के रौज़े पर पहुंचे
कर्बला ए मौअल्ला में आशूरा के दिन तुवैरिज़ का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अज़ा निकाला गया। यह अज़ादारी का जुलूस इस समय दुनिया में इमाम हुसैन की याद में निकलने वाला सबसे बड़ा जुलूस माना जाता है, जो पूरी…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअमेरिका के साथ सभ्यतागत संघर्ष में रुकने या पीछे हटने की कोई संभावना नहीः आयतुल्लाह आराफ़ी
हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने कहा कि मुहर्रम और सफ़र का समय जोश, जागरूकता और प्रतिरोध को बढ़ाने की विशेष क्षमता रखता है। उन्होंने अमेरिका के साथ सभ्यतागत संघर्ष को रोकने…
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भारतबीबी मासूमा (स) का सफ़र-ए-हिजरत: आज की महिलाओं में दीनी और सामाजिक ज़िम्मेदारियों का एहसास
हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स.अ.) की हस्ती ज्ञान, हया, समझदारी और बहादुरी का एक ख़ूबसूरत संगम है। आप ख़ानदान-ए-इस्मत-ओ-तहार त का वो चमकता हुआ मोती हैं जिन्हें 'करीमा-ए-अहले बैत' के नाम से याद किया…