हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "गेरारूल हिकम" पुस्तक से लिया गया है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है।
:قال امیرالمؤمنین علیه السلام
«قَدْ جَهِلَ مَنِ اسْتَنصَحَ أَعْدَاءَهُ.»
हज़रत इमाम अली अ.स. ने फरमाया:
वह व्यक्ति नादान है जो अपने दुश्मनों से सलाह और मशविरा माँगता है।
गेरारूल हिक्मा,6663
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