शिया हदीस (94)
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दिन की हदीसः
धार्मिकदूसरों पर एहसान जताने की आफ़त
इमाम हसन मुजतबा (अ) ने एक रिवायत में एहसानों और नेकियों को गिन-गिनकर जताने के नुकसान की ओर संकेत किया है।
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धार्मिकदुनिया की विशेषताएँ
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में दुनिया की विशेषताओं की ओर संकेत किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकदुनिया के बहाने दीन को त्यागना
अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में दुनिया को सुधारने के लिए दीन के मामलों को छोड़ने के अंजाम की ओर इशारा किया है।
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धार्मिकईद-उल-अज़हा की फज़ीलत
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने ईद-उल-अज़हा के दिन की फ़ज़ीलत की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकव्यापार में धोखाधड़ी
पैग़म्बर-ए-इस्लाम (स) ने एक रिवायत में खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी के मुद्दे की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहराम चीज़ों से आँखें बंद करना
हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली (अ) ने एक रिवायत में आँखों का तक़्वा अपनाने की ओर इशारा किया है।
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धार्मिकलोग अल्लाह का परिवार
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत मे लोगो के स्थान को अल्लाह के परिवार के रूप मे बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकहरम इमाम रज़ा (अ) की दरगाह दुखी दिलों की पनाहगाह
पैग़म्बर-ए-अकरम (स) ने इमाम रज़ा (अ) की ज़ियारत के असर के बारे में इशारा किया है।
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धार्मिकशैतान के वसवसों के बारे में चेतावनी
हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली (अ) ने एक रिवायत में शैतान की साज़िश और फूट डालने की चाल के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइमाम रज़ा (अ) से दोस्ती और अल्लाह का दीदार
पैग़म्बर ए इस्लाम (स) ने इमाम रज़ा (अ) की विलायत और उनसे मुहब्बत के सबंध मे फ़रमाया
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धार्मिकजमाख़ोरी दुष्टों का स्वभाव है
अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत मे जमाख़ोरी की निंदा की है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकसत्तर मुसीबतों का दूर होना
एक रिवायत मे इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने सत्तर मुसीबतो के दूर होने की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकपैग़म्बर मुहम्मद (स) की कौम के कामों का ब्यौरा
इमाम हुसैन (अ) ने बिहार अल-अनवार की एक हदीस में पैगंबर मुहम्मद (स) की कौम के कामों का ब्यौरा दिया है।
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धार्मिकरमज़ान उल मुबारक के सत्ताइसवें दिन की दुआ
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह (स) ने यह दुआ बयान फ़रमाई हैं।
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दिन की हदीस:
धार्मिकमोमिन की खास अख्लाकी खुसूसीयत
हौज़ा / हज़रत इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में मोमिन की खास अख्लाकी खुसूसीयत की ओर इशारा किया हैं।
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धार्मिकरमज़ान उल मुबारक के ग्यारहवें दिन की दुआ
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व.ने यह दुआ बयान फ़रमाई हैं।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबिना किसी बहाने के रोज़ा न रखना ईमान का नुकसान है
इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में रमज़ान के महीने में रोज़ा न रखने के नतीजों के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकरमज़ान के पवित्र महीने का महत्व और स्थान
पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में रमज़ान के पवित्र महीने के महत्व के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकअसली बदनसीब इंसान कौन है?
पैग़म्बर (स) ने रमज़ान के मुबारक महीने में एक रिवायत में असली बदनसीब इंसान का परिचय कराया।
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इस्लामी कैलेंडरः
धार्मिकजमात के साथ नमाज़ की फ़ायदे
अल्लाह के रसूल (स) ने एक रिवायत में जमात के साथ नमाज़ की फ़ायदों और ऊँचे दर्जे के बारे में बताया है।
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धार्मिकइमाम महदी (अ) की प्रतीक्षा करने वाले भाग्यशाली है
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में इमाम महदी (अ) की प्रतीक्षा करने वालों की विशेषताएँ बताई हैं।
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धार्मिकसमय और गलतियों को छिपाने के बीच का कनेक्शन
हौज़ा/अमीरूल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में गुनाहों को छिपाने और समय के बदलाव के बीच के कनेक्शन के बारे में चेतावनी दी है।
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धार्मिकक़यामत मे हज़रत अब्बास (अ) का मक़ाम
हौज़ा इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) ने एक रिवायत मे हज़रत अब्बास (अ) के मक़ाम की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकहज़रत पैगम्बर स.स.व.की शिफ़ाअत का कारण बनने वाला अमल
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में माहे शाबान में रोज़ा रखने के सवाब और उसकी बरकात की ओर इशारा किया हैं।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबद अख़लाक़ इंसान का जीवन
हौज़ा / अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत मे बद अख़लाक़ इंसान की विशेषता की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइस्लाम धर्म की बुनियाद और आधार
हौज़ा पैग़म्बर (स) ने एक रिवायत मे इस्लाम धर्म की बुनियाद और आधार की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबिना इल्म और आगाही कोई काम करने का परिणाम
हौज़ा इमाम जवाद अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत मे हर काम से पहले उसके संबंध मे पूर्ण आगाही हासिल करने की नसीहत फ़रमाई है।
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धार्मिकहसद करने वाले की ज़िंदगी लज़्ज़त से वंचित
हौज़ा / हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में इंसान की ज़िंदगी में हसद के सबसे बुरे असर के बारे में बताया है।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा सुब्हानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामउलेमा और दानिशवरों का सम्मान एक अख़्लाक़ी फ़र्ज़ है
हौज़ा / आयतुल्लाह जाफ़र सुब्हानी ने उस्ताद मोहम्मद अली मेंहदवी राद के एज़ाज़ में होने वाली तक़रीब के नाम अपने पैग़ाम में कहा है कि उलेमा और दानिशवरों की इज़्ज़त और तकरीम एक अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी…
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दिन की हदीसः
धार्मिक ऐसी दुआएँ जो कभी रद्द नहीं होतीं
हौज़ा / पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में उन दुआओं का ज़िक्र किया है जो बिना किसी शक के कबूल की जाती हैं।