शिया हदीस (540)
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धार्मिकइमाम महदी (अ) की प्रतीक्षा करने वाले भाग्यशाली है
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में इमाम महदी (अ) की प्रतीक्षा करने वालों की विशेषताएँ बताई हैं।
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धार्मिकसमय और गलतियों को छिपाने के बीच का कनेक्शन
हौज़ा/अमीरूल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में गुनाहों को छिपाने और समय के बदलाव के बीच के कनेक्शन के बारे में चेतावनी दी है।
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धार्मिकक़यामत मे हज़रत अब्बास (अ) का मक़ाम
हौज़ा इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) ने एक रिवायत मे हज़रत अब्बास (अ) के मक़ाम की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकहज़रत पैगम्बर स.स.व.की शिफ़ाअत का कारण बनने वाला अमल
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में माहे शाबान में रोज़ा रखने के सवाब और उसकी बरकात की ओर इशारा किया हैं।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबद अख़लाक़ इंसान का जीवन
हौज़ा / अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत मे बद अख़लाक़ इंसान की विशेषता की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकइस्लाम धर्म की बुनियाद और आधार
हौज़ा पैग़म्बर (स) ने एक रिवायत मे इस्लाम धर्म की बुनियाद और आधार की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबिना इल्म और आगाही कोई काम करने का परिणाम
हौज़ा इमाम जवाद अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत मे हर काम से पहले उसके संबंध मे पूर्ण आगाही हासिल करने की नसीहत फ़रमाई है।
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धार्मिकहसद करने वाले की ज़िंदगी लज़्ज़त से वंचित
हौज़ा / हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में इंसान की ज़िंदगी में हसद के सबसे बुरे असर के बारे में बताया है।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा सुब्हानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामउलेमा और दानिशवरों का सम्मान एक अख़्लाक़ी फ़र्ज़ है
हौज़ा / आयतुल्लाह जाफ़र सुब्हानी ने उस्ताद मोहम्मद अली मेंहदवी राद के एज़ाज़ में होने वाली तक़रीब के नाम अपने पैग़ाम में कहा है कि उलेमा और दानिशवरों की इज़्ज़त और तकरीम एक अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी…
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दिन की हदीसः
धार्मिक ऐसी दुआएँ जो कभी रद्द नहीं होतीं
हौज़ा / पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में उन दुआओं का ज़िक्र किया है जो बिना किसी शक के कबूल की जाती हैं।
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धार्मिकनसीहत स्वीकार करना और ख़ैर ए इलाही की निशानी
हौज़ा / इमाम नकी (अ) ने एक रिवायत में बंदों के लिए खुदा की अच्छाई की निशानी बताई है; एक ऐसी निशानी जो लोगों के रोज़ाना के व्यवहार में भी देखी जा सकती है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकअल्लाह की नज़र में सबसे इज्ज़तदार इंसान
हौज़ा / इमाम मुहम्मद बाकिर (अ) ने एक रिवायत में अल्लाह की नज़र में सबसे इज्ज़तदार इंसान के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकखाने में इसराफ़ की हदें
हौज़ा / अल्लाह के रसूल (स) ने एक रिवायत में रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इसराफ़ के एक छिपे हुए रूप के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबरकत में कमी का कारण
हौज़ा / इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में फ़ज़ूलखर्ची के नतीजों के बारे में बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकमाता-पिता की सेवा करने से गुनाहों की माफ़ी मिलती है
हौज़ा/ हज़रत इमाम सज्जाद (स) ने एक रिवायत में बताया है कि “माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करना” इंसान के लिए माफ़ी के दरवाज़े खोलने की वजह है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकप्यार की लंबी यात्रा
हौज़ा / एक रिवायत में पैग़म्बर (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि व सल्लम) ने “माता-पिता के और रिश्तेदारो के साथ अच्छा व्यवहार करने” के विशेष स्थान को बयान किया हैं।
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धार्मिकदुनिया की अनदेखी
हौज़ा /अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अलैहिस्सलाम) ने एक हदीस में इंसान को दुनिया से जुड़े रहने और आखिरत को नज़रअंदाज़ करने से आगाह किया है।
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धार्मिकमौत की याद ज़िंदगी में सुकून का ज़रिया है
हौज़ा / अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में मौत की याद को ज़िंदगी में सुकून और शांति का ज़रिया बताया है।
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धार्मिकमौत से बचना नामुमकिन!
हौज़ा/ इमाम अली नक़ी (अलेहिस्सलाम) ने एक रिवायत में मौत की सच्चाई और उससे बचने के नामुमकिन होने की तरफ ध्यान दिलाया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकदरियादिली और कंजूसी में फ़र्क
हौज़ा/अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अलैहिस्सलाम) ने एक रिवायत में दरियादिली और कंजूसी में फ़र्क समझाया है।
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धार्मिकबुरे आचरण का आजीविका पर प्रभाव
हौज़ा/अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अलैहिस सलाम) ने इस हदीस में बुरे आचरण का व्यक्ति की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को बताया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकशुक्रवार का सबसे अच्छा काम
हौज़ा / इमाम जाफ़र सादिक (अलैहिस सलाम) ने फ़रमाया है कि पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि व सल्लम) और उनके अहले बैत (अलैहेमुस्सलाम) पर दुरूज भेजना शुक्रवार का सबसे अच्छा काम है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकपिता पर बच्चे के तीन अधिकार
हौज़ा / इस रिवायत में, इमाम अली अलैहिस सलाम ने बच्चे के पिता पर अधिकारों का वर्णन किया है।
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धार्मिकतक़वा के साथ अमल का महत्व
हौज़ा/ इस रिवायत में, इमाम सज्जाद (अ) ने तक़वा के साथ अमल करने के महत्व को समझाया है।
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दुनियानजफ अशरफ में अज़ा ए फातिमा का भव्य जुलूस, आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी ने भाग लिया
हौज़ा / नजफ़ अशरफ़ में हज़रत फातिमा ज़हरा (स) की मज़लूमियत की याद में “अज़ाए फात्मिया” का बहुत बड़ा जुलूस निकाला गया, जिसमें मरजा-ए-आली क़दर आयतुल्लाहुल उज़मा हाजी हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी ने…
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दिन की हदीसः
धार्मिकपाखंड और दिखावा अस्वीकार्य अमल हैं
हौज़ा/ यह हदीस दिखावटी कार्य करने से आगाह करती है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकपाखंड; बाहर से सुंदर लेकिन असल में बहुत बुरा है
हौज़ा / यह परंपरा बताती है कि किसी व्यक्ति का बाहर से सुंदर लेकिन अंदर से बीमार होना कितना बुरा है।
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धार्मिकनेमतों के लिए शुक्रगुज़ार होने का महत्व
हौज़ा / इस रिवायत में, इमाम जवाद (अ) ने नेमतों के लिए शुक्रगुज़ार होने के महत्व को समझाया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकबीमारों की मदद करने का अज्र और सवाब
हौज़ा/ पैग़म्बर (स) ने इस हदीस में बीमारों की सेवा करने और उनकी ज़रूरतें पूरी करने के अज़ीम सवाब का वर्णन किया है।
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धार्मिकनेमतो मे बढ़ोतरी का राज़
हौज़ा / इस रिवायत में इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ) ने बंदों की शुक्रगुज़ारी और अल्लाह की नेमतों के लगातार बने रहने के दरमियान के रिश्ते की तरफ़ इशारा किया है।