हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम सैयद अब्दुलहादी रुक्नी हुसैनी ने कहा कि इतिहास में सत्य और असत्य के बीच संघर्ष हमेशा चलता रहा है और आशूरा इस संघर्ष में सही और गलत की पहचान का एक स्थायी आदर्श है।
उन्होंने क़ुरआन की आयत और तुम्हारे लिए क़िसास में जीवन है, हे बुद्धिमानों!" का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज की सुरक्षा और शांति न्याय की स्थापना तथा अत्याचारियों का सामना करने पर निर्भर करती है। यदि समाज अन्याय और अपराध के प्रति उदासीन हो जाए, तो वास्तविक सुरक्षा समाप्त हो जाती है।
उन्होंने कहा कि आशूरा का संदेश यह है कि सत्य का मार्ग कठिन हो सकता है और उसमें बलिदान देना पड़ सकता है, लेकिन वास्तविक विजय उन्हीं की होती है जो ईश्वर के मार्ग पर धैर्य और दृढ़ता के साथ डटे रहते हैं।
रुक्नी हुसैनी ने कहा कि आज के समय में भ्रामक प्रचार और सूचना युद्ध भी विरोधियों के प्रमुख हथियार हैं। उनके अनुसार, विरोधी झूठे प्रचार और मनोवैज्ञानिक अभियानों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। इसलिए समाज को जागरूकता, विवेक और सही जानकारी के प्रसार के माध्यम से इन प्रयासों का सामना करना चाहिए।
उन्होंने हाल के शहीद नेता के व्यक्तित्व और सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचार और मार्ग आगे भी लोगों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उन्होंने अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को जनता की निष्ठा, एकता और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताया।
अंत में उन्होंने समाज से एकता, आपसी सहयोग, जिम्मेदार नेतृत्व पर विश्वास तथा भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील की और कहा कि देश की मजबूती और एकजुटता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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