शुक्रवार 9 अक्टूबर 2026 - 23:46
मौलाना आज़ाद इंटरनेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का पत्रकारिता को बढ़ावा देने और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम

मौलाना आज़ाद इंटरनेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) में विद्यार्थियों को आधुनिक पत्रकारिता की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से रेडियो पॉडकास्ट स्टूडियो और प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन मीडिया अभिलेखीय प्रदर्शन इकाई का उद्घाटन किया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद स्थित मौलाना आज़ाद इंटरनेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में रेडियो पॉडकास्ट स्टूडियो और प्रोफेसर सय्यद ऐनुल हसन मीडिया अभिलेखीय प्रदर्शन इकाई का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन ने विद्यार्थियों से मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की पत्रकारिता की विरासत से प्रेरणा लेने, समाज की आवश्यकताओं को समझने, आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाने और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने का आह्वान किया।

रेडियो पॉडकास्ट स्टूडियो का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन ने किया, जबकि उनके नाम से स्थापित मीडिया अभिलेखीय प्रदर्शन इकाई का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर एस. के. इश्तियाक अहमद ने किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन ने कहा कि पत्रकारिता और संचार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए यह समझना आवश्यक है कि हम किससे संवाद कर रहे हैं और हमारे पाठकों, दर्शकों तथा श्रोताओं की जरूरतें क्या हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता की रुचियों और समस्याओं को समझे बिना अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाना कठिन है।

मौलाना आज़ाद इंटरनेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का पत्रकारिता को बढ़ावा देने और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम

उन्होंने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने अपने समय में समाज की आवश्यकताओं को समझते हुए अल-हिलाल और अल-बलाग़ जैसे समाचार पत्रों के माध्यम से जनजागरण फैलाने और अपने विचारों को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पत्रकारिता के विद्यार्थियों को भी उनकी परंपरा से सीख लेते हुए सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक होना चाहिए और आम लोगों की भाषा में अपनी बात उन तक पहुंचानी चाहिए।

कुलपति ने आगे कहा कि पत्रकारिता में भाषा, बोलने के अंदाज, आवाज और स्क्रीन की गुणवत्ता का विशेष महत्व है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए और ऐसी सरल भाषा अपनानी चाहिए, जिसे आम लोग आसानी से समझ सकें। इससे वे जनसंचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।

मौलाना आज़ाद इंटरनेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का पत्रकारिता को बढ़ावा देने और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम

यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रोफेसर एस. के. इश्तियाक अहमद ने मीडिया अभिलेखीय प्रदर्शन इकाई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनसंचार माध्यमों के इतिहास और विभिन्न कालखंडों में उनमें हुए बदलावों को सुरक्षित रखना आवश्यक है। इससे नई पीढ़ी को मीडिया के विकास और उसकी बदलती कार्यप्रणाली को समझने में मदद मिलेगी।

उन्होंने विभाग में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और बुनियादी सुविधाओं के विकास की सराहना की। साथ ही, फिल्म निर्माण जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित करके विद्यार्थियों के लिए सीखने और आगे बढ़ने के अधिक अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के डीन प्रोफेसर इहतिशाम अहमद खान ने बताया कि विभाग में चालू शैक्षणिक वर्ष से एम.ए. फिल्म मेकिंग पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण की तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देना और उनकी रचनात्मक क्षमताओं को निखारना है, ताकि वे इस क्षेत्र में अपने पेशेवर भविष्य के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।

कार्यक्रम में एम.एम.टी.टी.सी. की निदेशक प्रोफेसर सनम फातिमा, आई.एम.सी. के निदेशक रिजवान अहमद खान, सामाजिक कार्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एम. डी. शाहिद रज़ा, जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

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