हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरान के आबिक शहर के इमाम ए जुमआ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन तक़ी रूहानी ने कहा कि हिजाब और पाकदामनी इस्लामी समाज की बुनियादी इकाई हैं। ये परिवार में सुकून, संस्कृति के हस्तांतरण और सामाजिक सुरक्षा का माध्यम हैं।
हौज़ा न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, हुज्जतुल इस्लाम तक़ी रूहानी ने आज आबिक शहर में सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में आयोजित हिजाब एवं पाकदामनी पर विचार-विमर्श बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हिजाब और पाकदामनी समाज तथा इस्लामी समुदाय की बुनियाद हैं, क्योंकि इनके माध्यम से शांति, संस्कृति और सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि हिजाब के विषय में सभी सांस्कृतिक संस्थानों, शैक्षिक संगठनों और तरबीयती संस्थाओं को अपनी पूरी क्षमता और संसाधनों का उपयोग करना चाहिए, ताकि हिजाब के दर्शन और उद्देश्य को लोगों तक पहुँचाया जा सके तथा इसके गहरे अर्थों और व्यापक शिक्षाओं को उजागर किया जा सके।
आबिक के इमाम ए जुमआ ने कहा कि पाकदामनी इस्लाम के महत्वपूर्ण नैतिक गुणों में से एक है, जिसे इस्लामी शिक्षाओं में हमेशा ऊँचा स्थान दिया गया है। इस गुण को अपनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हुज्जतुल इस्लाम रूहानी ने आगे कहा कि अनेक हदीसों में पाकदामनी को श्रेष्ठ इबादत बताया गया है। हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने भी इसे सर्वोत्तम गुणों में से एक और हर प्रकार की भलाई का स्रोत बताया है। उन्होंने पाकदामनी के स्थान और महत्व की तुलना अल्लाह की राह में शहादत के मकाम से भी की है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी हिजाब और पर्दा अल्लाह के उन आदेशों में शामिल हैं, जो इंसान के चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। यह इस्लाम के जीवनदायी आदेशों में से एक है, जो इंसानी प्रकृति और उसकी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं के अनुरूप है तथा इंसान की प्रगति और आध्यात्मिक विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हिजाब और पाकदामनी पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने तथा बच्चों की परवरिश के लिए शांतिपूर्ण और भरोसेमंद वातावरण तैयार करने में मदद करती हैं।
आबिक के इमाम ए जुमा ने कहा कि आज विरोधी ताकतें बेपर्दगी और अनुचित पहनावे को बढ़ावा देने को अपने एजेंडे में शामिल किए हुए हैं। उनके अनुसार, वे सॉफ्ट वॉर के माध्यम से अश्लीलता को बढ़ावा देने और ईरानी परिवारों के बीच बेपर्दगी की जीवनशैली को लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रही हैं।
अंत में हुज्जतुल इस्लाम तक़ी रूहानी ने कहा कि हिजाब और पाकदामनी दूसरों के अधिकारों तथा उनकी निजी सीमाओं का सम्मान करने में भी मदद करती हैं। इन सिद्धांतों का पालन करने से लोग एक-दूसरे के व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान करते हैं और दूसरों की निजता में अनुचित हस्तक्षेप करने से बचते हैं।
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