हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम असदुल्लाह रज़वानी ने बुयीन ज़हरा जिले के फ़ैज़ाबाद गांव के लोगों के बीच संबोधित करते हुए शहीद पत्रकार महमूद सारमी की याद और पत्रकार दिवस का सम्मान किया।
उन्होंने कहा कि प्रतिबद्ध पत्रकार अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ जनता और अधिकारियों के बीच संपर्क का पुल होते हैं। समाचारों को सही और ईमानदारी से सामने रखकर वे जनता के विश्वास को बढ़ाने और सामाजिक पूंजी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हुज्जतुल-इस्लाम रज़वानी ने कहा कि आज पहले से कहीं अधिक समाज को ऐसे पत्रकारों की जरूरत है जो प्रतिबद्ध, नैतिक, सटीक और सत्य की तलाश करने वाले हों।
उन्होंने आगे कहा कि देश की रक्षा क्षमता और रणनीतिक संसाधनों ने महत्वपूर्ण निरोधक शक्ति पैदा की है। दुश्मनों को समझना चाहिए कि किसी भी सैन्य दुस्साहस की उन्हें और क्षेत्र में उनके सहयोगियों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
रज़वानी ने समाज में हिजाब और पवित्रता के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि हिजाब व पवित्रता सामाजिक पूंजी के महत्वपूर्ण उदाहरणों में से हैं और इन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि समाज में हिजाब के दर्शन और उद्देश्य पर ध्यान दिया जाए तो इसके महत्व और आध्यात्मिक मूल्यों को सभी लोग पहले से अधिक स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे।
हुज्जतुल इस्लाम रज़वानी ने इस बात पर जोर दिया कि हिजाब और पवित्रता का पालन परिवार की नींव को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि पवित्रता और हिजाब की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाएं, क्योंकि इसका पालन परिवारों की स्थिरता और मजबूती बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बुयीन ज़हरा के इमाम जुमआ ने कहा कि परिवार नई पीढ़ी के पालन-पोषण और मूल्यों के हस्तांतरण का सबसे महत्वपूर्ण आधार है और माताओं की इसमें केंद्रीय भूमिका है।
हुज्जतुल इस्लाम रज़वानी ने कहा कि आज दुश्मन सॉफ्ट वॉर और सांस्कृतिक हमले के माध्यम से समाज में पवित्रता और हिजाब को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। इसका मुकाबला करने के लिए आवश्यक योजनाएं और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
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