शनिवार 17 अक्टूबर 2026 - 13:23
अमेरिका लेबनानी सरकार को हिज़्बुल्लाह और प्रतिरोध के ख़िलाफ़ भड़का रहा हैं।शेख़ अली अल-ख़तीब

हौज़ा / लेबनान की सर्वोच्च इस्लामी शिया परिषद के उपाध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख़़ अली अल-ख़तीब ने चेतावनी दी है कि अमेरिका विभिन्न बहानों से लेबनानी सरकार को प्रतिरोध के साथ टकराव की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा है। इससे देश की राष्ट्रीय एकता और आंतरिक शांति को ख़तरा पैदा हो सकता है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , लेबनान की सर्वोच्च इस्लामी शिया परिषद के उपाध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख़़ अली अल-ख़तीब ने चेतावनी दी है कि अमेरिका विभिन्न बहानों से लेबनानी सरकार को प्रतिरोध के साथ टकराव की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा है। इससे देश की राष्ट्रीय एकता और आंतरिक शांति को ख़तरा पैदा हो सकता है।

लेबनान में नमाज़े जुमा के ख़ुतबे के दौरान शेख़ अली अल-ख़तीब ने कहा कि लेबनान को बाहरी दबाव के सामने झुकने के बजाय अपनी आंतरिक समस्याओं और जनता की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने सरकार से मांग की कि वह राजनीतिक गतिविधियों के बजाय जनता की आर्थिक समस्याओं को हल करने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनकी ज़रूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दे।

शेख़ अल-ख़तीब ने कहा कि ईमान के बाद राष्ट्रीय एकता किसी भी क़ौम की सबसे बड़ी ताक़त है। टकराव से बचने के नाम पर किसी के सामने झुक जाना सही नहीं है, क्योंकि ऐसा करने से ईमान और एकता की अहमियत समाप्त हो जाती है।

उन्होंने सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि दक्षिणी लेबनान के दौरों के अलावा सरकार ने कोई प्रभावी क़दम नहीं उठाया है। इसके विपरीत, प्रतिरोध से जुड़े मामलों को रोकने और उन क्षेत्रों में जनता तक प्रतिरोध की सहायता पहुँचने में बाधा डालने पर ध्यान दिया जा रहा है, जहाँ सरकार अपनी ज़िम्मेदारियाँ पूरी नहीं कर रही है।

शेख़ अल-ख़तीब ने इज़राइल की धमकियों और लेबनान पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि बाहरी ताक़तें देश को आंतरिक टकराव की ओर धकेलना चाहती हैं। हालाँकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि लेबनानी सेना इस जाल में नहीं फँसेगी। उन्होंने विस्थापित लोगों को आश्रय और रहने की जगह उपलब्ध कराने के लिए प्रतिरोध की ओर से किए जा रहे प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।

अंत में उन्होंने कहा कि दुश्मन विदेशों से और कुछ तत्व देश के भीतर से मतभेदों तथा अशांति को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। लेबनान की सर्वोच्च इस्लामी शिया परिषद, अमल आंदोलन का नेतृत्व और हिज़्बुल्लाह राष्ट्रीय एकता बनाए रखने तथा आंतरिक मतभेदों को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा हैं।

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