रविवार 18 अक्टूबर 2026 - 07:03
आयतुल्लाह शब ज़िंदादार: आज़रबाइजान के अधिकारी जागें और हिजाब करने वाली महिलाओं पर अत्याचार बंद करें

आयतुल्लाह शब ज़िंदादार ने उम्मीद जताई है कि आज़रबाइजान के अधिकारी जागरूक होंगे और अपने देश की हिजाब करने वाली महिलाओं पर किए जा रहे खुले अन्याय को बंद करेंगे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के हौज़ा इल्मिया की सुप्रीम काउंसिल के सचिव आयतुल्लाह शब ज़िंदादार ने मस्जिद-ए-आज़म में दर्स-ए-ख़ारिज़-ए-फ़िक़्ह की शुरुआत के अवसर पर अज़रबैजान गणराज्य की सरकार द्वारा स्कूलों में हिजाब करने वाली छात्राओं पर प्रतिबंध लगाने और महिलाओं को बेपर्दा करने के प्रयासों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि आज़रबाइजान के अधिकारी जागेंगे और अपने देश की हिजाब करने वाली महिलाओं पर किए जा रहे इस खुले अन्याय को बंद करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि कुछ इस्लामी देशों ने काफ़िरों और इस्लाम-विरोधी तत्वों का अनुसरण करते हुए प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए भी हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह अत्यंत दुखद है कि वे हिजाब जैसे ईश्वरीय आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि इसका उल्लेख पवित्र क़ुरआन में भी मौजूद है। इस तरह वे उन छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने से वंचित कर रहे हैं, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करना चाहती हैं।

ईरान के हौज़ा इल्मिया की सुप्रीम काउंसिल के सचिव ने कहा कि अनुभव से साबित हुआ है कि बेपर्दगी और अश्लीलता समाज तथा युवा पीढ़ी को विनाश और बिगाड़ की ओर ले जाती हैं और तरक़्क़ी एवं आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग में बाधा बनती हैं।

आयतुल्लाह शब ज़िंदादार ने आगे कहा कि जिन देशों ने इन मामलों को महत्व नहीं दिया, वे आज गंभीर समस्याओं और विनाशकारी परिस्थितियों से घिरे हुए हैं। पवित्र क़ुरआन में इरशाद होता है:

“और जो मेरी याद से मुँह मोड़ेगा, उसके लिए निश्चित रूप से तंग जीवन होगा।” (सूरह ताहा, आयत 124)

उन्होंने अंत में उम्मीद जताई कि अज़रबैजान के अधिकारी भी जागरूक होंगे और अपने देश की हिजाब करने वाली महिलाओं पर किए जा रहे इस खुले अन्याय को बंद करेंगे।

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