लखनऊ में 1 मुहर्रमुल हराम के अवसर पर परंपरागत शाही ज़रीह का भव्य जुलूस बड़े इमामबाड़े से निकलकर हुसैनाबाद के छोटे इमामबाड़े तक पहुँचा, जहाँ अज़ादारों ने अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ इसमें भाग लिया। नवाबी दौर से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा के दौरान पूरे शहर का वातावरण नौहा, मातम और इमाम हुसैन (अ) की याद और ज़िक्र से गूँज उठा। जुलूस के मार्गों पर अज़ादारों और ज़ायरों (श्रद्धालुओं/दर्शकों) की बड़ी संख्या मौजूद रही, जिन्होंने गहरे श्रद्धाभाव के साथ इस आयोजन में सहभागिता की।

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