मोहर्रम अजादारी (21)
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धार्मिकआशूरा की घटना आज तक क्यों ज़िंदा है?
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने 10 मुहर्रम 61 हिजरी को अपना सब कुछ क़ुर्बान करके यह साबित कर दिया कि दीन, हक़ और उसूलों पर कभी समझौता नहीं किया जा सकता।
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धार्मिकशरई अहकाम | अज़ादारी में बिदअते; यहाँ तक कि हलाल संगीत भी इमाम हुसैन (अ) की मजलिसों की शान के अनुरूप नहीं है
धार्मिक सभाओं और शोक समारोहों में संगीत वाद्ययंत्रों का प्रवेश एक हानिकारक प्रवृत्ति है, जो हज़रत सैय्यद उश शोहदा इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी की शान के अनुरूप नहीं है। हाल के वर्षों में शरीअत…
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धार्मिकहुसैनी अज़ादारी और हमारी व्यक्तिगत तथा सामाजिक ज़िम्मेदारियाँ
कर्बला की घटना हमें केवल आँसू बहाने, मजलिसें आयोजित करने और शोक मनाने का संदेश नहीं देती, बल्कि यह हमें जागरूकता, दूरदृष्टि, चरित्र निर्माण और सामाजिक ज़िम्मेदारी का भी पाठ पढ़ाती है। इमाम हुसैन…
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धार्मिकशरई अहकाम | अज़ादारी के दिनों में शादी के लिए रिश्ता लेकर जाना
आयतुल्लाह मक़ारिम शिराज़ी ने “अज़ादारी के दिनों में शादी के लिए रिशता लेकर जाने” से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया है।
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दुनियानाइजीरिया में आशूरा के जुलूस में इमाम हुसैन (अ) के लाखों अज़ादारो ने भाग लिया
नाइजीरिया के सौ से अधिक शहरों में आशूरा-ए-हुसैनी के अवसर पर जुलूस निकाले गए, जिनमें समाज के विभिन्न वर्गों से लाखों लोगों ने भाग लिया।
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ईरानक़ुम मुकद्दस में आशूर की दोपहर मे “हय्या अलस्सलात” की गूंज, ज़ोहर की नमाज़ में अज़ादारों की बड़ी भागीदारी
इमाम हुसैन की शहादत के दिन यानी आशूरा के अवसर पर पूरे क़ुम प्रांत में हज़रत अबा अब्दुल्लाह अल-हुसैन की मैदान-ए-जंग के बीच आख़िरी नमाज़ की याद में ज़ुहर-ए-आशूरा की इबादती और रूहानी कार्यक्रम अत्यंत…
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दुनियासय्यद उश शोहदा इमाम हुसैन (अ) की शहादत पर केन्या मे अज़ादारी
करुणा, प्रेम और अहले-बैत (अ) से वफ़ादारी के माहौल में, केन्या में शिया समुदाय के हजारों मुसलमानों ने जुलूस निकालकर इमाम हुसैन (अ) की शहादत पर ग़म मनाया।
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विशेष रिपोर्ट:
दुनियाअफ्रीका के विभिन्न देशों में अशरा-ए-मुहर्रम श्रद्धा, जागरूकता और निष्ठा के साथ जारी
मुहर्रमुल हराम के आगमन के साथ ही अफ्रीका के विभिन्न देशों में इमाम हुसैन (अ) और कर्बला की घटना को याद करने के लिए मजलिस-ए-अज़ा, भाषण और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न शहरों…
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भारतलखनऊ में 18वीं अंतरराष्ट्रीय मुहर्रम प्रदर्शनी का आयोजन, कला और फोटोग्राफी के माध्यम से पैग़ाम-ए-कर्बला को उजागर किया गया
लखनऊ की ऐतिहासिक लाला बारादरी में “वन वॉइस फॉर ऑल रिलिजन” के तहत 18वीं अंतरराष्ट्रीय मुहर्रम प्रदर्शनी 2026 का आयोजन किया गया, जहाँ फोटोग्राफी, पेंटिंग और सुलेख (कैलीग्राफी) के माध्यम से घटना-ए-कर्बला…
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धार्मिकअज़ादारी-ए-हुसैनी; दीन के पुनर्जागरण, मकतब-ए-अहल-ए-बैत (अ.) की निरंतरता और उम्मत की जागृति का रहस्य!
इमाम हुसैन (अ.) से प्रेम वास्तव में पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.) से प्रेम की निरंतरता और अल्लाह-प्रेम का एक उज्ज्वल प्रतीक है। यही कारण है कि सदियों बीत जाने के बाद भी आज करोड़ों दिल…
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धार्मिकक्यों 1400 साल बाद भी हम इमाम हुसैन (अ) पर रोते हैं?
इमाम हुसैन (अ) के लिए शोक मनाने के व्यक्तिगत और सामाजिक प्रभाव होते हैं, जो इसे अन्य शोकों से अलग बनाते हैं। एक पूर्ण मानव से प्रेम और आत्मिक शांति प्राप्त करना इस शोक के व्यक्तिगत प्रभावों में…
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गैलरीफोटो / आयतुल्लाहिल उज़्मा नूरी हमदानी के कार्यालय में मुहर्रम की दूसरी तारीख़ की मजलिस-ए-अज़ा आयोजित
आयतुल्लाहिल उज़्मा नूरी हमदानी के कार्यालय में मुहर्रमुल हराम की दूसरी तारीख़ को मजलिस-ए-अज़ा आयोजित की गई, जिसमें हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन रफ़ीई ने संबोधन किया। इस मजलिस में इमाम हुसैन (अ)…
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भारतअज़ादारी हक़ की जीत और ज़ुल्म से मुक्ति के लिए क़याम का पैग़ाम है: मौलाना सय्यद सफ़दर हुसैन ज़ैदी
जौनपुर के सदर इमामबाड़ा में अशरा-ए-मजालिस की पहली मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सय्यद सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने कहा कि अज़ादारी सत्य, न्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने का संदेश देती है। उन्होंने…
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भारतइमाम हुसैन (अ) की शहादत क़यामत तक मोमिनों के दिलों में गर्मजोशी और दर्द की लौ जलाए रखेगी: मौलाना कल्बे जवाद नक़वी
लखनऊ के इमामबाड़ा ग़ुफ़रान मआब में माहे मुहर्रम की पहली मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सय्यद कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि इमाम हुसैन (अ) की शहादत का ग़म मोमिनों के दिलों में ऐसी स्थायी गर्मी…
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गैलरीफ़ोटो / लखनऊ में मुहर्रमुल हराम का आगाज़; शाही ज़रीह का ऐतिहासिक जुलूस बड़े इमामबाड़े से निकला
लखनऊ में 1 मुहर्रमुल हराम के अवसर पर परंपरागत शाही ज़रीह का भव्य जुलूस बड़े इमामबाड़े से निकलकर हुसैनाबाद के छोटे इमामबाड़े तक पहुँचा, जहाँ अज़ादारों ने अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ इसमें…
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धार्मिकमज़लूम हुसैन (अ) की अज़ादारी कैसे मनायें ?
इमामों द्वारा बताए गए तरीकों के अनुसार शोक मनाना, जिसकी सच्चे और मान्य मरजा-ए-तक़लीद ने भी निरंतर प्रेरणा दी है, वही वास्तविक अज़ादारी कहलाती है। इसके अतिरिक्त जो अज़ादारी की जाए वह भावनात्मक…
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दुनियाकड़े प्रतिबंधो और दबावों के बावजूद बहरैन में मुहर्रम 1448 का आयोजन, अज़ादारी के संकल्प में कोई कमी नहीं
इस वर्ष मुहर्रमुल हराम 1448 हिजरी बहरैन में एक असाधारण और संवेदनशील वातावरण में मनाया जाएगा, जहाँ इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी को राजनीतिक, सुरक्षा संबंधी दबावों और विभिन्न प्रतिबंधों के संदर्भ…
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भारतमुहर्रम से पूर्व श्रीनगर में शिया-सुन्नी संपर्क समिति की महत्वपूर्ण बैठक, मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के संकल्प की पुनर्पुष्टि
मुहर्रम के आगमन से पूर्व मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) की शिया-सुन्नी संपर्क समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद श्रीनगर के मुख्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअमेरिका के साथ सभ्यतागत संघर्ष में रुकने या पीछे हटने की कोई संभावना नहीः आयतुल्लाह आराफ़ी
हौज़ा-ए-इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने कहा कि मुहर्रम और सफ़र का समय जोश, जागरूकता और प्रतिरोध को बढ़ाने की विशेष क्षमता रखता है। उन्होंने अमेरिका के साथ सभ्यतागत संघर्ष को रोकने…
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दुनियाबहरैन के शियो का सिलसिलेवार दमन; इस छोटे से द्वीप पर अज़ादारी मनाना प्रतिबंधित है
फ़ारस की खाड़ी के इस छोटे से द्वीप पर शिया समुदाय के प्रमुख व्यक्तियों और अनुयायियों के खिलाफ गंभीर दमन किया जा रहा है।
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धार्मिकशरई अहकाम | बैतुलमाल के धन का अज़ादारी के लिए उपयोग
हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई (र) ने "बैतुलमाल के धन का अज़ादारी के लिए उपयोग" के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।