कनाडा के जाफरी इस्लामिक सेंटर में अशरा ए मोहर्रम की मजलिसें श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में अहलेबैत (अ.) के प्रेमियों ने भाग लिया। इस अवसर पर हुज्जतुल इस्लाम वल…
शहर की सभी इमामबारगाहों और अज़ाखानों में मजलिसों और मातम का सिलसिला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है, क्योंकि यौम-ए-आशूरा नजदीक आ रहा है। इस अवसर पर सभी स्थानों पर विदाई मजलिसें आयोजित की गईं।
मौलाना सय्यद अशरफ़ अली अल-ग़रवी ने फ़िक्र व तदब्बुर की महत्व बयान करते हुए कहा कि इंसान की शख़्सियत और उसका दर्जा उसकी सोच से पहचाना जाता है। उन्होंने एक रिवायत का हवाला दिया कि “एक घंटे का तदब्बुर…
कराची के नश्तर पार्क में अशरा-ए-मुहर्रमुल हराम की पहली केंद्रीय मजलिस-ए-अज़ा को संबोधित करते हुए अल्लामा सैयद शहनशाह हुसैन नक़वी ने कहा कि इमामत का अक़ीदा, तौहीद और नुबुव्वत के अक़ीदे का तकमला…