हौज़ा / रजब महीने की पहली शुक्रवार की रात को लैलातुर रग़ाइब (रग़बतो वाली रात) कहा जाता है।
हौज़ा / हज़रत सय्यद अल-शोहदा इमाम हुसैन (अ) के आंदोलन और शहादत की याद में दुनिया भर में मजलिसे और जुलूस निकाले जा रहे हैं।