ईदे बेअसत (8)
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अंजुमन-ए-शरई शियाने जम्मू और कश्मीर शरीयताबाद यूसुफाबाद बडगाम के सहयोग से रहमतुन लिल आलमीन सम्मेलन का आयोजन;
भारतपैगम्बर की बेअसत; मानवीय मूल्यों का पाठ, हुज्जतुल इस्लाम सय्यद हादी मूसवी अल-सफवी
हौज़ा /अंजुमन-ए-शरई शियाने जम्मू-कश्मीर, शरियाबाद, यूसुफाबाद, बडगाम के सहयोग से रहमतुन लिल आलामीन भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता अंजुमने शरई शियाने जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष हुज्जतुल…
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बच्चे और महिलाएंपैगंबर की बेअसत, जाहेलियत काल की अंधेरी रात मे एक चिराग़ थीः सआदत आगाह
हौज़ा/श्रीमति सआदत आगाह ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद (स) की बेअसत एक ऐसे समय में हुई जब इंसानियत अंधेरे में डूब चुकी थी।
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सुप्रीम लीडर ने सरकार के अधिकारियों, इस्लामी देशों के राजदूतों और विभिन्न सामाजिक वर्गो के लोगो से मुलाकात में कहा:
ईरान"प्रतिरोध, बेअसत का एक रूप है, ग़ज़्ज़ा और लेबनान के सामने इस्राईली शासन का घुटने टेकना उसी का परिणाम है"/ "राजनयिक मुस्कानों के पीछे, एक बुरा और जहरीला चेहरा छिपा हुआ है; हमें इस पर ध्यान देना चाहिए।"
हौज़ा/ पैगंबर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) की बेअसत दिवस के अवसर पर आज सुबह, सरकार के अधिकारियों, इस्लामी देशों के राजदूतों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह…
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धार्मिकअहले सुन्नत की किताबो मे अम्बिया के भेजने का मक़सद
हौज़ा / सुन्नी प्रसिद्ध आलिम इब्न असाकिर लिखते हैं: एक दिन रसूल अल्लाह (स) ने अपने एक साथी से कहा: "ऐ अब्दुल्लाह! एक फरिश्ता मेरे पास आया और कहा: 'ऐ मुहम्मद! उन पैगंबरों से पूछो जो तुमसे पहले…
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दिन की हदीसः
धार्मिकआलामीन के लिए रहमत
हौज़ा / हज़रत इमाम महदी (अ) ने एक रिवायत में इस्लाम के पवित्र पैगम्बर (स) के मिशन का कारण बताया है।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा वहीद ख़ुरासानीः
उलेमा और मराजा ए इकरामअगर अली (अ) ना होते तो आदम से लेकर ख़ातम (स) तक सभी नबीयो की बेअसत अधूरी होती
हौज़ा / अगर अमीरुल मोमेनीन (अ) ना होते तो आदम से लेकर ख़ातम (स) तक सभी नबीयो की बेअसत अधूरी होती