उस्ताद अंसारियान (7)
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धार्मिकइमाम ज़माना (अ) का दिल कैसे ख़ुश किया जाए?
हक़ीक़ी मुन्तज़िर के ज़ेहन में हमेशा यह सवाल रहता है कि हम अपने इमाम हज़रत इमाम ज़माना (स.ल.) को किस तरह ख़ुश कर सकते हैं। क्या इसके लिए किसी ख़ास और ग़ैर-मामूली अमल की ज़रूरत है, या आम ज़िंदगी…
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उलेमा और मराजा ए इकरामक़यामत में कुछ लोग की कोई हैसियत नहीं रहेगी।हुसैन अंसारियान
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन अंसारियान ने कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन को कुरआन, पैगंबर मुहम्मद स.अ.व.व. और अहले बैत अ.स.की विलायत के अनुसार नहीं बिताता, वह दुनिया में भी बेकदर रहता…
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ईरानक़यामत में बे मारफत इंसान की कोई क़द्र नहीं हैंः उस्ताद हुसैन अंसारियान
हौज़ा / ईरान के मशहूर खतीब, कुरआन के शिक्षक और हौज़ा ए इल्मिया के उस्ताद हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन अंसारियान ने कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन को कुरआन, पैगंबर मुहम्मद स.अ.व.व. और अहले…
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ईरानमकतबे अहले बैत अ.स.अक़्ल व दानाई का मकतब है।उस्ताद अंसारियान
हौज़ा / उस्ताद हुसैन अंसारियान ने इमामज़ादेह सालेह फ़रहज़ाद में आयोजित अय्याम ए फ़ातिमिया की मजलिसों को संबोधित करते हुए कहा कि मकतबे अहले बैत अलैहिमुस्सलाम वास्तव में अक़्लानियत इल्म और दानाई…
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हुज्जतुल इस्लाम हुसैन अंसारियानः
उलेमा और मराजा ए इकरामख़ुदा और क़यामत पर ईमान, गुनाहो से महफ़ूज़ रखने वाली दो दाखेली शक्तियां है
हौज़ा / उस्तादे अखलाक़ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन हुसैन अंसारियान ने कहा कि अगर इंसान यकीन रखे कि खुदा हर लम्हा उसे देख रहा है और कयामत के दिन कोई अमल कम या ज्यादा नहीं होगा तो वह बहुत से बड़े…