हौज़ा / इमाम जाफ़र सादिक (अलैहिस्सलाम) ने एक रिवायत में रोज़े जुमा के गुस्ल की फ़ज़ीलत बयान फ़रमाई है।
हौज़ा/ इस रिवायत में, गु़ुस्ल के जुमा को तहारत और पापों की क्षमा का साधन बताया गया है।
हौज़ा / इस्लामी क्रान्ति के नेता ने ग़ुस्ल के दौरान शरीर के बाहरी हिस्सों को धोने से संबंधित सवाल का जवाब दिया है।