हौज़ा/ सवाब और सज़ा के हमेशा रहने की सच्चाई तब साफ़ हो जाती है जब हम उन्हें एक कॉन्ट्रैक्ट वाले कानून के तौर पर नहीं, बल्कि दुनिया में इंसान के सोच-समझकर किए गए कामों और पसंद का नैचुरल नतीजा…
हौज़ा / प्रोफेसर अली आमिर ने बैतूस्सलात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित इसाले सवाब की मजलिस को संबोधित करते हुए कहा,शहर-ए-इल्म' अलीगढ़ का शहीद-ए-कर्बला की अज़ादारी के प्रचार-प्रसार…