जुलूस मजलिस (8)
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भारतअगर हमारे घरों और समाज में फ़ातिमी सिस्टम क़ायम हो जाए, तो हमारा समाज जन्नत जैसा बन सकता है: मौलाना शाहवर हुसैन नक़वी
हौज़ा / हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (सला मुल्ला अलैहा) पैग़म्बर (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि व सल्लम) की प्यारी, जन्नत की शहज़ादी की शहादत के मौके पर अमरोहा शहर में बड़े पैमाने पर मजलिसो का आयोजन किया…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामअगर हौज़ा और यूनिवर्सिटी धर्मनिष्ठा के मार्ग पर चलते रहेंगे तो समाज भी सुधार के मार्ग पर आगे बढ़ेगा
हौज़ा / आयतुल्लाहfल उज़्मा जवाद आमोली ने फ़रमाया कि तक़वा, तौहीद, अक़्लानियत और अद्ल ही वे बुनियादें हैं जो न सिर्फ़ मुआशरे बल्कि हौज़ा और यूनिवर्सिटी को भी संभाले रखती हैं। अगर ये दोनों इल्मी…
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भारतहसद न केवल व्यक्ति बल्कि समाज के लिए भी बरबादी का कारण हैः मौलाना नक़ी महदी ज़ैदी
हौज़ा / तारागढ़ अजमेर के इमाम जुमा ने नमाज़ जुमा के खुत्बो मे मासूम अलैहिस सलाम की निगाह मे हसद पर प्रकाश डालाते हुए कहा कि हसद से बचाओ सेहत का कारण है।
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हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मांदेगारी:
ईरानअक़्ली और क़ुरआनी शिक्षाओ के अनुसार हिजाब की पाबंदी ज़रूरी है
हौज़ा/ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मांदेगारी ने दीन में अक्ल के मक़ाम पर ज़ोर देते हुए कहा: तब्लीग़ और दीनी तालीम अक्ल और क़ुरआन पर मुस्तंद होनी चाहिए और हिजाब की पाबंदी समाज के लिए अनिवार्य…
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उलेमा और मराजा ए इकरामसमाज ज्ञान से नहीं, बल्कि नैतिकता से संचालित होता है: आयतुल्लाह जवादी आमोली
हौज़ा/ आयतुल्लाह जवादी आमोली ने "नैतिकता नामक कीमिया" विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि समाज की नींव ज्ञान पर नहीं, बल्कि नैतिकता पर आधारित है। पैगंबर मुहम्मद (स) ज्ञान में अद्वितीय थे, लेकिन…
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ईरानक़ुम अलमुकद्देसा;हरम ए हज़रत मसूमा स.ल.में शोक सभाओं का आयोजन किया गया
हौज़ा / ईरान के विभिन्न शहरों में अशूरा का जुलूस आयोजित किया गया क़ुम अलमुकद्देसा में भी मोमिनीनों ने जुलूस का आयोजन किया और हज़रत मासूम स.ल.को पूरसा पेश किया।
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भारतहुसैनी सिवाय खुदा के किसी ताक़त के आगे सिर नहीं झुकाते।मौलाना कल्बे जवाद नक़वी
हौज़ा / आज आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनेई ने सुपर पावर को ठुकरा दिया और किसी भी तानाशाही व्यवस्था के सामने सरेंडर नहीं किया। क्योंकि जो हुसैनी होते हैं, वो सिवाय ख़ुदा के किसी और ताक़त…
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भारतबच्चे माँ बाप की ख़िदमत को अपने लिए सम्मान समझेंः प्रोफ़ेसर असग़र इजाज़ क़ानमी
हौज़ा / प्रोफ़ेसर डॉक्टर असग़र इजाज़ क़ानमी ने कहा, बच्चे अपने माता-पिता की सेवा को अपने लिए एक सम्मान समझें और इसी के ज़रिए दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल करें।