दरस ए अख़्लाक़ (26)
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उलेमा और मराजा ए इकराममुबाहेसा हौज़ा ए इल्मिया की पहचान हैः आयतुल्लाह फ़ाज़िल लंकरानी
हौज़ा / हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के उस्ताद दर्स-ए-ख़ारिज आयतुल्लाह मुहम्मद जवाद फ़ाज़िल लंकरानी ने हौज़ा की शैक्षिक पद्धति में केवल चीज़ों को याद करने पर अधिक निर्भरता की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों…
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आयतुल्लाह दर्री नजफ़ाबादी:
उलेमा और मराजा ए इकरामजनता की सेवा छुट्टी या दफ्तर के समय तक सीमित नहीं होनी चाहिए
हौज़ा / आयतुल्लाह दर्री नजफ़ाबादी ने कहा, दुश्मन बाधा डालने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहा हैं। ऐसे हालात में सरकार को एक ‘सेवा केंद्र’ के रूप में काम करना चाहिए और जनता की सेवा…
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धार्मिकतबर्रा; ईमान की तकमील और अहले बैत अ.स. से वफ़ादारी का तक़ाज़ा
हौज़ा / इस्लामी तालीमात में तवल्ला और तबर्रा ईमान और अक़ीदे के अहम और बुनियादी विषयों में शामिल हैं। जिस तरह अल्लाह तआला, रसूले अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वआलिहि और अहले-बैत-ए-अतहार अलैहिमुस्सलाम…
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उलेमा और मराजा ए इकरामहौज़ा ए इल्मिया का असली मक़सद खुद को संवारना और दूसरों की तबीयत करना है।हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन दरायती
हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया ख़ुरासान के उस्ताद हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन दरायती ने कहा कि समाज की रहनुमाई और तरबियत में उलमा का बुनियादी किरदार है। हौज़ा-ए-इल्मिया की सबसे अहम ज़िम्मेदारी ऐसे…
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धार्मिकसीरत ए इमाम रज़ा अ.स.इंसानी करामत से मुहज़्ज़ब समाज तक
हौज़ा / आज का दौर तेज़ रफ़्तार जानकारी, सोशल मीडिया के दबाव और फ़ौरन प्रतिक्रिया का दौर है, जहाँ लोग अक्सर बिना सोचे-समझे एक-दूसरे के बारे में राय बना लेते हैं। नतीजे में तौहीन, असहिष्णुता और…
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धार्मिकहज़रत इमाम हसन अ.स.की शिक्षाएं पूरी दुनिया के लिए शांति और अमन के पैग़ाम
हौज़ा / युद्ध और विवाद से घिरे वर्तमान युग में शहज़ादा ए सुल्ह हज़रत इमाम हसन अ.स.की शिक्षाएं पूरी दुनिया के लिए शांति और अमन की गारंटी हैं।
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भारतरमज़ान अल मुबारक: दीनी इल्म हासिल करने और इस्तिग़फार का बेहतरीन मौक़ा हैं।मौलाना हैदर अली जाफरी
हौज़ा / दिल्ली के नूर-ए-इलाही कॉलोनी में मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन, रमज़ान की अहमियत और अख़लाक़ी तरबियत पर मौलाना ने ज़ोर दिया।
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हामदान में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि:
ईराननमाज़ इंसान को गुरूर और तकब्बुर से पाक करती है।
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम हमीद इफ्तिख़ारी ने कहा है कि नमाज़ इंसान को गुरूर और तकब्बुर से पाक करती है।उन्होंने कहा कि नमाज़ दीन का सुतून और बंदगी का सबसे अहम स्तंभ है। नमाज़ इंसान के अंदर ख़ुदा…
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दरस-ए-अख़लाक़ः
धार्मिकसमाज में फ़ुज़ूलख़र्ची कम होनी चाहिए
हौज़ा / हमारा समाज अमीरुल मोमेनीन अलैहिस्सलाम की परहेज़गारी की दिशा में आगे बढ़े।मतलब यह नहीं है कि हम अमीरुल मोमेनीन की तरह परहेज़गार बन जाएं। क्योंकि न हम बन सकते हैं न हम से इसकी मांग की गयी…
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आयतुल्लाह जावादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामजो भी सत्य के विरोध में खड़ा होगा, निश्चित रूप से पराजित होगा
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जावादी आमोली ने कहा: कोई भी व्यक्ति जो सत्य के विरोध में खड़ा होगा, निश्चित रूप से पराजित होगा, लेकिन साथ ही, इस ब्रह्मांडीय व्यवस्था में प्रत्येक मनुष्य का यह दायित्व…
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आयतुल्लाह शब ज़िन्दा दार:
उलेमा और मराजा ए इकरामदीन की तब्लीग़ और मआरिफ़-ए-दीन की तौज़ीह व तबईन, क़याम-ए-इमाम हुसैन (अ) मक़ासिद की तकमील हैं
हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया की सुप्रीम काउंसिल के सरबराह आयतुल्लाह शब ज़िन्दा दार ने कहा है कि तब्लीग़ और दीनी मआरिफ़ की वज़ाहत, क़ियाम-ए-इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बुनियादी मक़ासिद की तकमील का ज़रिया…
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उलेमा और मराजा ए इकरामतौहिद हक़ीकी इंसान को मानसिक तनाव से बचाती है।आयतुल्लाहिल जवाद़ी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवाद़ी आमोली ने इमाम मुहम्मद तक़ी अ.स.की हदीसों की रोशनी में तौहीद के सामाजिक असरात बयान करते हुए कहा कि अल्लाह की रज़्ज़ाक़ियत पर पूरा भरोसा इंसान को घबराहट, गलत मआशी…
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दरस-ए-अख़लाक़
धार्मिकअगर आप अल्लाह की मदद करें तो अल्लाह आपको साबित क़दम बना देगा
हौज़ा / अल्लाह तआला ने क़ुरआने मजीद में कुछ वादे किए हैं, इन वादों के ख़िलाफ़ नहीं हो सकता।अल्लाह ने वादा किया है,ऐ ईमान वालो! अगर तुम अल्लाह की मदद करोगे तो अल्लाह तुम्हारी मदद करेगा और तुम्हे…
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आयतुल्लाह दरी नजफ़़ाबादी:
ईरानहक़ीकी ख़ज़ाना सोना और चांदी नहीं बल्कि मआरिफ इलाही है
हौज़ा / आयतुल्लाह दरी नजफ़़ाबादी ने अपने दर्स ए ख़ारिज में इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ.स.) की विलादत बासआदत की मुबारकबादी पेश करते हुए आपके इल्मी और रूहानी मुक़ाम पर ज़ोर दिया और फ़रमाया कि वास्तविक…
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धार्मिकएक सादह जिंदगी जिसके नतीजे में तफ़सीर अल-मीज़ान जैसी कृति प्राप्त हुई
हौज़ा / बाहरी रूप से सरल और आर्थिक तंगी में बीते जीवन के पीछे त्याग, प्रेम और बलिदान की एक ऐसी दास्तान छिपी है, जिसका फल इस्लामी दुनिया को तफ़सीर अल-मीज़ान के रूप में एक महान बौद्धिक खज़ाने के…
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दरस-ए-अख़लाक़ः
धार्मिकनौजवान, नमाज़ से रूह की ताज़गी हासिल करता है
हौज़ा / नमाज़ से नौजवान का दिल प्रकाशमान हो जाता है, वह उम्मीद हासिल करता है, आत्मिक ताज़गी हासिल करता है, ख़ुशी हासिल करता है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामखुशबख्त वह है जिसका उस्ताद-ए-अखलाक़ खुदा हो: आयतुल्लाह अज़ीज़ुल्लाह ख़ुशवक्त
हौज़ा / स्वर्गीय आयतुल्लाह अज़ीज़ुल्लाह ख़ुशवक्त (रह.) ने अपने एक दर्स-ए-अखलाक़ में उस्ताद के चुनाव और हकीकी रहनुमाई के मौज़ू पर बात करते हुए कहा कि इंसान अक्सर इस बात में उलझ जाता है कि किसे…
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दरस-ए-अख़लाक़ः
धार्मिकअल्लाह के दर पर जाना चाहिए ताकि दूसरों के सामने गिड़गिड़ाना न पड़े
हौज़ा / इंसान बहुत सारी चीजों का ज़रूरतमंद है, इन ज़रूरतों से छुटकारा पाने और इन ज़रूरतों की पूर्ति के लिए किससे कहें? अल्लाह से क्योंकि वह हमारी ज़रूरतों को जानता है, अल्लाह जानता है कि आप क्या…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामविलायत के बग़ैर हासिल किया गया इल्म चोरी है ना कि बुद्धिमानी
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि "ला इलाहा इल्लल्लाह" और "विलायत-ए-अली इब्न अबी तालिब (अ.स.) एक ही वास्तविकता के दो नाम हैं। यह वह किला है जिसका रक्षक स्वयं अल्लाह है और जिसके…
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दरस-ए-अख़लाक़ः
धार्मिकअल्लाह से गिड़गिड़ाकर दुआ कीजिए
हौज़ा / हम दुआ को मामूली चीज़ न समझें, अल्लाह से कुछ तलब करने को मामूली बात न समझें। आपसे जहाँ तक मुमकिन हो दुआ को अल्लाह के सामने ऐसे माहौल में पेश कीजिए जिसमें आपकी बेहतरीन हालत हो, रोने और…
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उलेमा और मराजा ए इकरामदिल की बसीरत ही वास्तविक ज्ञान का स्रोत है।आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने कहा कि अल्लाह तआला ने इंसान को सिर्फ सुनने और समझने का ही नहीं बल्कि देखने का भी मुकल्लफ़ बनाया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हक़ीक़ी मआरिफ़त केवल पढ़ाई…
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आयतुल्लाह अराफी:
उलेमा और मराजा ए इकरामअख्लाक वह गौहर है जो अमल की कद्र बढ़ा देता है / हर अमल में सिर्फ खुदा से लेनदेन का जज़्बा रखें
हौज़ा / आयतुल्लाह अली रज़ा अराफी ने कहा, अख्लाक वह आमिल है जो कर्म का स्तर ऊँचा करता है।अल्लाह से लेन-देन ऐसी आध्यात्मिक खुशियाँ और आशीर्वाद देता है जो कहीं और नहीं मिलती। हर काम में इंसान को…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअहले इल्म के लिए आयतुल्लाह जवादी आमोली की नसीहत:अगर पढ़ा न सके तो उम्र बर्बाद कर दी!
हौज़ा / ईरान के हौज़ा ए इल्मिया के मशहूर कुरआन के मुफ़स्सिर आयतुल्लाहिल उज़मा जावादी आमुली ने तालिबे इल्म और बुद्धिजीवियों को सलाह देते हुए कहा कि अगर कोई शख्स इल्म हासिल करे लेकिन दूसरों को…
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हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन नासिर रफ़ीई:
ईरानराह ए हक़ में इस्तेक़ामत सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है / दुश्मन का असली लक्ष्य हमारे अक़ीदे और जीवन-शैली को बदलना है
हौज़ा / मसीर-ए-बंदगी शीर्षक वाले दर्स-ए-अख़लाक़ में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन नासिर रफ़ीई ने सूरह अनफ़ाल की आयत नंबर 45 की रोशनी में दुश्मन की सांस्कृतिक युद्ध के मुक़ाबले में जागरूकता और…
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जामिया अल-मुन्तज़र नौगाँवा सादात में साप्ताहिक दर्स ए अख़्लाक़ का आयोजन:
भारतपैग़म्बर-ए-इस्लाम स.अ.व.व. की बिस'अत का मकसद ही अख़्लाक़ था।मौलाना पैग़म्बर अब्बास आबिदी
हौज़ा / नौगाँवा सादात दीनी शिक्षण संस्थान हौज़ा ए इल्मिया जामिया अलमुनतज़िर में साप्ताहिक दर्स-ए-अख़लाक़ का आयोजन किया गया, जिसमें जामिया के शिक्षक हुज्जतुल इस्लाम मौलाना पैग़म्बर अब्बास आबिदी…
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आयतुल्लाह ग़रवी:
ईरानअगर इल्म अख़लाक़ और माअनवियत से ख़ाली है, तो यह मानवता के लिए लाभकारी नहीं हो सकता
हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया की सर्वोच्च परिषद के सदस्य, आयतुल्लाह सय्यद मोहम्मद ग़रवी ने कहा है कि अख़लाक़ और माअनवियत से अलग होने पर इल्म वास्तविक लाभ प्रदान नहीं कर सकता है, और कुछ भौतिकवादी देशों…