बसीरत (8)
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शिया ईदगाह हुसैनाबाद, झारखंड मे खुत्बा ए जुमा:
भारतदुनिया भर में बढ़ते वैचारिक और सामाजिक फसाद का मुकाबला समझदारी और धार्मिक चेतना से संभव है: मौलाना सय्यद अली सजीर रिजवी
हुसैनाबाद, झारखंड के इमामे जुमा मौलाना सैयद अली सज्जीर रिजवी ने आज शिया ईदगाह हुसैनाबाद, झारखंड में जुमे के खुतबे में "फसाद और उसका निवारण" विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कुरआन मजीद की…
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धार्मिकधर्म की व्याख्या में इफ़रात और तफ़रीत के खतरो पर सिरात से भी पतला मार्ग
धर्म के पालन और धार्मिक विषयों पर विचार व्यक्त करने के दौरान इफ़रात और तफ़रीत से बचना तथा संतुलन बनाए रखना हमेशा एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है। धार्मिक ग्रंथों में ‘सिरात’ को बाल से भी पतली राह…
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ईरानबसीरत और दृढ़ता इस्लामी व्यवस्था की स्थिरता का रहस्य हैं।हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुहम्मदी लायिनी
हौज़ा/ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुहम्मदी लायिनी ने कहा कि बसीरत और दृढ़ता इस्लामी व्यवस्था की स्थिरता का रहस्य हैं। आज समाज की एकता के खिलाफ कोई बात नहीं कही जानी चाहिए।
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दिन की हदीसः
धार्मिकपैग़म्बर (स) की सीरत में नमाज़ की अहमियत
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) एक रिवायत में नमाज़ की अहमियत और पैग़म्बर ए अकरम (स) की सीरत में इसके विशेष स्थान की ओर संकेत करते हैं।
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अमीरुल मोमेनीन की आरेफ़ाना नसीहत;
उलेमा और मराजा ए इकरामगुनाह को केवल हराम नहीं, बल्कि ज़हर और गंदगी समझें; आयतुल्लाह जवादी आमोली
आयतुल्लाह जवाद आमोली ने नैतिकता के एक पाठ में इबादत के विभिन्न स्तरों और गुनाह के बारे में अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) की आध्यात्मिक और गहरी नसीहतों को बयान किया।
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उलेमा और मराजा ए इकरामइमाम जवाद (अ) की राजनीतिक सीरत, अहलेबैत (अ) की तागूत के खिलाफ संघर्ष की निरंतरता थी
ख़ुरासान रज़वी में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि ने इस बात पर जोर देते हुए कि अहलेबैत (अ) की राजनीतिक सीरत आशूरा आंदोलन की निरंतरता है, कहा: सभी चौदह मासूम इमामों (अ) ने तागूत और अत्याचारी सत्ता…
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भारतसीरत हज़रत फातेमा ज़हरा (स) पर उच्च स्तरीय तहकीक,वक्त की अहम ज़रूरत हैंः डॉ. शहवार हुसैन नक़वी
हौज़ा / हज़रत फातेमा ज़हरा सल्लल्लाहु अलैहा व आलिहा के पवित्र जन्मदिन के अवसर पर, मस्जिद इमामिया में सीरत-ए-फातिमा ज़हरा सल्लल्लाहु अलैहा व आलिहा पर संबोधन में शोधकर्ता डॉ. शहवार हुसैन नकवी ने…
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उलेमा और मराजा ए इकरामबसीरत और तवाज़ो के बिना मानवी मक़ामात तक रसाई सम्भव नही हैः हुज्जतुल इस्लाम सय्यद रहीम तवक्कुल
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लेमीन सय्यद रहीम तवक्कुल ने कहा कि इंसान अगर बसीरत, तवाज़ो और ख़ुलूस के साथ ज़िन्दगी के क़ीमती लमहात से फ़ायदा उठाए तो वह मामूली अफ़राद से बुलंद होकर आला-तरीन रूहानी…