बिहार उल अनवार (12)
-
धार्मिकनमाज़े जमात के लिए उठाए जाने वाले क़दमो का सवाब
पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में नमाज़े जमात के लिए उठाए जाने वाले क़दमो का सवाब के बारे में बताया है।
-
दिन की हदीसः
धार्मिकसभी के हालात से अवगत इमाम
हज़रत इमाम महदी (अ) ने एक रिवायत में बताया है कि उन्हें सबके हालात का पता है।
-
धार्मिकइमाम महदी (अ) की प्रतीक्षा करने वाले भाग्यशाली है
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में इमाम महदी (अ) की प्रतीक्षा करने वालों की विशेषताएँ बताई हैं।
-
दिन की हदीसः
धार्मिकमुहम्मद (स) की उम्मत पर अली इब्न अबी तालिब (अ) का हक़
हौज़ा / पवित्र पैगंबर (स) ने एक रिवायत में मुसलमानों पर अली इब्न अबी तालिब (अ) के हक़ के बारे में बताया है।
-
धार्मिकइमाम जवाद (अ); इल्म, तक़वा और मोज्ज़ा ए इमामत
हौज़ा / इमाम मुहम्मद तक़ी (अ) अहले-बैत अतहार (अ) की इस चमकती हुई कड़ी का नाम है, जिन्होंने कम उम्र में इमामत का पद हासिल किया और ज्ञान, तक़वा और शान से सच्चाई को ज़ाहिर किया, और मुस्लिम उम्माह…
-
धार्मिकअहले बैत की मोहब्बत के करीब जाने का तरीका
हौज़ा/ इमाम महदी (अ) ने एक रिवायत में अहले बैत (अ) की मोहब्बत के करीब जाने का मुख्य मानक की ओर इशारा किया हैं।
-
दिन की हदीसः
धार्मिकमाता-पिता के साथ व्यवहार की बारीकियाँ
हौज़ा / इमाम सादिक़ (अलैहिस्सलाम) ने एक रिवायत में हमें माता-पिता का आदर करने के दक़ीक़ तौर-तरीकों की याद दिलाई है।
-
दिन की हदीसः
धार्मिकप्यार की लंबी यात्रा
हौज़ा / एक रिवायत में पैग़म्बर (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि व सल्लम) ने “माता-पिता के और रिश्तेदारो के साथ अच्छा व्यवहार करने” के विशेष स्थान को बयान किया हैं।
-
धार्मिकफ़ातिमा, पैग़म्बर (स) के वजूद का एक हिस्सा
हौज़ा / पवित्र पैग़म्बर (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि वसल्लम) ने एक रिवायत में हज़रत फातिमा ज़हरा (सला मुल्ला अलैहा) की अहम जगह के बारे में बताया है जो उनके और पवित्र पैग़म्बर (सल्लल्लाहो अलैहे…
-
दिन की हदीसः
धार्मिकतीन ऐसे काम जिनका सवाब हैरत अंगेज़ हैं
हौज़ा / रसूल अल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि व सल्लम) ने एक रिवायत में तीन ऐसे कामों का ज़िक्र किया है जिनका सवाब हैरत अंगेज़ हैं।
-
दिन की हदीसः
धार्मिकनैतिकता की छाया में सम्मान और अपमान!!
हौज़ा/अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अलैहिस्सलाम) ने एक रिवायत में फ़रमाया है कि अच्छे और बुरे नैतिक गुण किसी व्यक्ति के सम्मान और अपमान का मापदंड हैं।
-
दिन की हदीसः
धार्मिकग़लती करने वाले को माफ़ी मांगने का समय दो
हौज़ा / इमाम हसन मुज्तबा (अ) ने अपने ज्ञानपूर्ण शब्दों में ग़लती करने वाले को माफ़ करने और उसे माफ़ी मांगने का समय देने पर ज़ोर दिया है।