मंगलवार 10 फ़रवरी 2026 - 07:08
नमाज़े जमात के लिए उठाए जाने वाले क़दमो का सवाब

 पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में नमाज़े जमात के लिए उठाए जाने वाले क़दमो का सवाब के बारे में बताया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "बिहार उल अनवार" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:

قال رسولُ اللّه صلی‌ الله‌ علیه‌ وآله:‌

مَن مَشى إلى مَسجِدٍ يَطلُبُ فيهِ الجَماعَةَ كانَ لَهُ بكُلِّ خُطوَةٍ سَبعونَ ألفَ حَسَنةٍ ، ويُرفَعُ لَهُ مِن الدَّرَجاتِ مِثلُ ذلكَ

وإن ماتَ وهُو على ذلكَ وكَّلَ اللّه ُ بهِ سَبعينَ ألفَ مَلَكٍ يَعُودُونَهُ في قَبرِهِ، ويُؤنِسُونَهُ في وَحدَتِهِ ، ويَستَغفِرُونَ لَهُ حتّى يُبعَثَ.

अल्लाह के रसूल (स) ने फ़रमाया:

जो कोई नमाज़े जमात के लिए मस्जिद जाता है, उसके हर कदम पर सत्तर हज़ार नेकियाँ लिखी जाएँगी, और उसका दर्जा भी उतना ही ऊपर उठाया जाएगा।

अगर वह इसी हालत में मर जाता है, तो अल्लाह तआला उसके लिए सत्तर हज़ार फ़रिश्ते भेज देता है जो कब्र में उसके पास आते-जाते रहते हैं, कब्र की तन्हाई में उसके लिए अपना प्यार और लगाव ज़ाहिर करते हैं और उसके लिए मग़फ़ेरत मांगते हैं, और यह तब तक चलता रहेगा जब तक वह फिर से ज़िंदा नहीं हो जाता।

बिहार उल अनवार, भाग 76, पेज 336, हदीस 1

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