मरज-ए तकलीद (10)
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हज़रत मासूमा (स) मे शहीद डॉ. लारेजानी का चेहलुमः
ईरानईरान को शहीद लारीजानी जैसे जिम्मेदारों की सख्त जरूरत हैः हुज्जतुल इस्लाम हामिद काशानी
शहीद हकीम और क्रांतिकारी सियासतदार डॉ. अली लारीजानी, उनके बेटे शहीद डॉ. मुर्तज़ा लारीजानी और उनके साथी शहीदों के चेहलुम की शोक सभा 1 मई 2026 को हज़रत फातिमा मासूमा (स) की पवित्र दरगाह में संपन्न…
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धार्मिकआयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत के बाद उनके मुक़ल्लेदीन की ज़िम्मेदारी?!
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई के मुक़ल्लेदीन के ज़हन मे इन दिनो एक महत्वपूर्ण सवाल पैदा हो रहा है कि शहादत के बाद उनकी तक़लीद का क्या हुक्म है? फ़िक्ही अहकाम के विषय की पहचान के केंद्र के…
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दुनियारमज़ानुल मुबारक में क़ुरआनी समारोह के अनुष्ठान, शेख़ इब्राहीम ज़कज़ाकी के महत्वपूर्ण निर्देश
हौज़ा / माहे मुबारक रमज़ान की आमद के साथ नाइजीरिया के मुख़्तलिफ़ इलाक़ों में तफ़सीर-ए-क़ुरआन करीम के वसीअ पैमाने पर प्रोग्राम मुनअक़िद हो रहे हैं। इसी दरमियान शेख़ इब्राहीम ज़कज़ाकी ने एक वीडियो…
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मदरसा बिंतुल हुदा हरियाणा में “तक़लीद ए शऊर बंदगी से शऊर ए ज़िम्मेदारी तक” विषय पर दर्से अख़लाक़:
भारततक़लीद सिर्फ़ इंसान का सुधार नहीं है, बल्कि उम्मत की दिमागी सुरक्षा का भी एक ज़रिया है, सुश्री बुशरा फ़ातिमा
मदरसा बिंतुल हुदा (रजिस्टर्ड) हरियाणा-उल-हिंद ने “तक़लीद शऊर ए बंदगी से शऊर ए ज़िम्मेदारी तक” नाम से एक ऑनलाइन नैतिक कक्षा का आयोजन किया। यह प्रोग्राम Google Meet प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए किया गया…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा सुब्हानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा जन एकजुटता और जागरूकता की देन है
हौज़ा / आयतुल्लाह सुब्हानी ने ईरान की हाल की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा,क्रांति की शुरुआत में नौज़ा के विद्रोह जैसी घटनाएं हुईं, उसके बाद भी अन्य फितने पैदा हुए और जो कुछ आपने पिछले दशक…
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उलेमा और मराजा ए इकरामतौहिद हक़ीकी इंसान को मानसिक तनाव से बचाती है।आयतुल्लाहिल जवाद़ी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवाद़ी आमोली ने इमाम मुहम्मद तक़ी अ.स.की हदीसों की रोशनी में तौहीद के सामाजिक असरात बयान करते हुए कहा कि अल्लाह की रज़्ज़ाक़ियत पर पूरा भरोसा इंसान को घबराहट, गलत मआशी…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा नूरी हमदानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामएतेकाफ़ व्यक्ति और समाज की रूहानी तरबियत का प्रभावी साधन है
हौज़ा / मरजय तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़्मा नूरी हमदानी ने कहा है कि एतेकाफ़ व्यक्ति और समाज दोनों में रूहानी माहौल को मज़बूत करता है और यह एक बेहद क़ीमती अवसर है, जिससे बेहतरीन तरीक़े से फ़ायदा उठाया…
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ईरानक़ुम अलमुकद्दस में आयतुल्लाहिल उज़मा मोहम्मद रज़ा गुलपायगानी रह. की याद में भव्य शोक सभा
हौज़ा / मरजा ए तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद मोहम्मद रज़ा गुलपायगानी (रह.) की पुण्यतिथि के 33वें वर्ष के अवसर पर हरम मुक़द्दस की मस्जिद-ए आज़म में एक गरिमा शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें…
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हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी:
उलेमा और मराजा ए इकरामछात्र अपनी जवानी को इल्म और तक्वा प्राप्त करने में लगाएं
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी ने युवा छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी जवानी को ज्ञान और पवित्रता प्राप्त करने के लिए उपयोग करें और इस राह में अपनी सारी कोशिशें लगा दें!…
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धार्मिकशरई अहकाम । मरजा ए तक़लीद के बिना की गई इबादात का क्या होगा?
हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनेई ने हाल ही में मुक़ल्लिद बने एक व्यक्ति की पिछली इबादात के हुक्म के बारे में एक सवाल का जवाब दिया है।