हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "मीज़ान अल-हिक्मा" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पूरा पाठ इस तरह है:
قال رسول اللہ صلی اللہ علیہ وآلہ وسلم:
إنَّ الشَّقِيَّ حَقَّ الشَّقِيِ مَن خَرَجَ مِنهُ هذَا الشَّهرُ وَلَم يُغفَر ذُنوبُهُ
पैग़म्बर (स) ने फ़रमाया:
असली बदनसीब इंसान वह है जो इस महीने (रमज़ान) को छोड़ दे और उसके गुनाह माफ़ न किए जाएं।
मीज़ान अल-हिक्मा, हदीस 7458
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