हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार,मरकज़ी प्रांत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि आयतुल्लाह दरी नजफाबादी ने इस दिन को ईरान के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक बताया है।
उन्होंने कहा,इस दिन ईरानी राष्ट्र के दृढ़ संकल्प और इस्लामिक गणराज्य ईरान में उनके गहरे विश्वास ने एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह में फल दिया, जहाँ बहुमत के वोट से एक ऐसी प्रणाली की स्थापना हुई जो इस्लामी और राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित है।
आयतुल्लाह दरी नजफाबादी ने कहा,इस्लामिक रिपब्लिक दिवस, ईरानी राष्ट्र की कठिनाइयों और चुनौतियों को पार करने तथा एक उज्ज्वल और स्वायत्त भविष्य के निर्माण के संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा,12 फरवर्दीन 1358 (ईरानी कैलेंडर) को ईरानी जनता ने दूरदर्शिता और जागरूकता के साथ इस्लामिक क्रांति के लक्ष्यों को साकार किया और स्वतंत्रता, न्याय तथा स्वायत्तता के सिद्धांतों के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मरकज़ी प्रांत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि ने यह भी कहा,अल्हम्दुलिल्लाह, इस्लामिक गणराज्य ईरान 45 वर्ष बीत जाने के बावजूद पूरी मजबूती के साथ कायम है और यह महान सफलता उन असंख्य बलिदानों और अथक संघर्ष का परिणाम है जो इस मार्ग में दिए गए हैं।
आयतुल्लाह दरी नजफाबादी ने इस्लामिक रिपब्लिक ईरान की स्थापना के महत्व को रेखांकित किया और इसके स्थायित्व को राष्ट्रीय एकता व इस्लामी मूल्यों का परिणाम बताया।
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