हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , जम्मू-कश्मीर जाफरिया सुप्रीम काउंसिल के चेयरमैन सैयद ज़वार हुसैन नक़वी एडवोकेट ने अंसारुल्लाह यमन की क्रांतिकारी सरकार के प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब अलरहवी की गुरुवार को एक वर्कशॉप के दौरान इज़राइली हवाई हमले में शहादत और कई अन्य मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के घायल और शहीद होने की खबर पर दिली रंजो-गम का इज़हार करते हुए कहा है कि मैं जम्मू-कश्मीर जाफरिया सुप्रीम काउंसिल की तरफ से इस बड़े सानिहा पर अंसारुल्लाह यमन की अहले इंकेलाबी क़यादत, खास तौर पर सैयद अब्दुल मलिक बदरुद्दीन अल-हौसी की खिदमत में दिली तअज़्ज़ियत पेश करता हूं और शहीदों के बुलंद दरजात और ज़ख़्मियों की जल्द से जल्द सेहतयाबी के लिए दुआगो हूं।
उन्होंने कहा कि यह हमला न सिर्फ इज़राइल की बर्बरता और दहशतगर्दी को दर्शाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और इंसानी उसूलों की खुली खिलाफवर्जी भी है। इज़राइल की इस जार्जियाना इकदाम की हम सख्त मुतमर्रदा करते हैं और दुनिया की हुर्रियतपसंद कौमों से अपील करते हैं कि वो यमन की अवाम और क़यादत के साथ इज़हार-ए-एकजोहती करें।
ज़वार नक़वी एडवोकेट ने कहा कि यमन की ग़ैरुर, सालेह और निडर अवाम और उनकी क़यादत ने जिस जुर्रत और बसीरत के साथ मज़लूमीन-ए-ग़ाज़ा की हिमायत जारी रखी है, इज़राइल की बहरी और हवाई नाकेबंदी को कामयाबी से कायम रखा है और मुकावमत के मोर्चे को मज़बूत किया है वो उम्मत-ए-मुस्लिमा के लिए बाइस-ए-फ़ख़्र है।
हम यमनी अवाम को खिराज-ए-तहसीन पेश करते हैं और मज़लूम फिलिस्तीनी अवाम के साथ खड़े रहने के इस इंकेलाबी इकदाम पर उन्हें सलाम पेश करते हैं।
उन्होंने कहा कि यक़ीनन शहीदों का खून राइगां नहीं जाएगा और यह कुर्बानियां इज़राइल व इस्तिकबार के ज़वाल और उम्मत-ए-मुस्लिमा की बेदारी का पेशख़ैमा साबित होंगी।
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