गुरुवार 8 जनवरी 2026 - 06:36
हासिद की सज़ा

हौज़ा / हज़रत इमाम अली ने एक रिवायत में हासिद के अंजाम की ओर इशारा किया हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "बिहारूल अनवार" पुस्तक से लिया गया हैं इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:

:قال امیرالمؤمنین علی علیہ السلام

يَكفيكَ مِنَ الحاسِدِ أَنَّهُ يَغتَمُّ وَقتَ سُرورِكَ.

हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम ने फरमाया:

हासिद के लिए यही सज़ा काफी है की तेरी खुशी के वक्त वह ग़मगीन और रंजीदा होता है।

बिहारूल अनवार,भाग 72,पेंज 253

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