बिहारुल अनवार किताब (12)
-
धार्मिकमैं क्या करूं कि मेरी नमाज़ जहन्नम के डर की वजह से न हो?
पैग़म्बर अकरम (स) ने अपने बहुत अधिक रोने के बारे में पूछे जाने पर फ़रमाया: “क्या मैं शुक्रगुज़ार बंदा न बनूं?” यह बात, मरहूम अल्लामा मिस्बाह यज़दी के अनुसार, बताती है कि अल्लाह की नेमतों पर ध्यान…
-
भारत“कुरआन और इमाम हुसैन” के शीर्षक से ख़म्सा ए मजलिस; अज़ादारी के आखिरी दिनों में आध्यात्मिक और वैचारिक आयोजन
अज़ा के दिनों के आखिरी दिनों में हर साल की तरह इस साल भी “कुरआन और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम” के शीर्षक से पांच मजलिसों का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। लगभग दो दशकों से जारी इस वार्षिक कार्यक्रम…
-
उलेमा और मराजा ए इकरामजवानी तौबा और नफ़्स की इस्लाह का सबसे अच्छा समय है: आयतुल्लाह महफ़ूज़ी
मरहूम आयतुल्लाह महफ़ूज़ी ने जवानी को तौबा और अल्लाह की ओर लौटने का सबसे अच्छा अवसर बताते हुए कहा है कि इंसान को अपनी इस्लाह और गुनाहों से तौबा करने के लिए बुढ़ापे का इंतज़ार नहीं करना चाहिए,…
-
दिन की हदीस:
धार्मिकमोहब्बतें अहले बैत अ.स. हासिल कैसे करें?
हौज़ा / हज़रत इमाम मेहदी अ.स. ने एक रिवायत में अहले बैत अ.स. से मोहब्बत हासिल करने के बुनियादी मेयर को बयांन किया हैं।
-
दिन की हदीस:
धार्मिकअल्लाह की रहमत और राहत मिलने की उम्मीद
हौज़ा / हज़रत इमाम अली (अ.स.) ने एक रिवायत में मोमिनों को फ़रज का इंतज़ार करने तथा अल्लाह की रहमत से कभी निराश न होने की नसीहत की है।
-
दिन की हदीसः
धार्मिकतिलावत ए क़ुरआन की फज़ीलत
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व.ने एक रिवायत में क़ुरआन की तिलावत के सवाब और उसके लाभों का वर्णन किया है।
-
दिन की हदीस:
धार्मिकहज़रत इमाम ए ज़माना (अ) के ज़ुहूर की विशेषताएँ
हज़रत इमाम सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में इमाम ए ज़माना (अ) के ज़ुहूर की खुसूसियत की ओर इशारा किया है।
-
दिन की हदीस:
धार्मिकलोगों की खिदमत करना अल्लाह की नेमत हैृ
हौज़ा / इमाम हुसैन अ.स. ने एक रिवायत में लोगों की ज़रूरतों की पूर्ति को इलाही नेमत बताया है।
-
दिन की हदीस:
धार्मिकहज़रत पैगम्बर स.स.व.की शिफ़ाअत का कारण बनने वाला अमल
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में माहे शाबान में रोज़ा रखने के सवाब और उसकी बरकात की ओर इशारा किया हैं।
-
दिन की हदीस:
धार्मिकमोमिन भाईयो से अच्छे संबंध का नतीजा
हौज़ा / हज़रत इमाम मूसा काज़िम अ.स.ने एक रिवायत में परिवार वालो और मोमिन भाईयों से अच्छे संबंध का नतीजे कि ओर इशारा किया हैं।
-
दिन की हदीस:
धार्मिकहासिद की सज़ा
हौज़ा / हज़रत इमाम अली ने एक रिवायत में हासिद के अंजाम की ओर इशारा किया हैं।
-
धार्मिकक्या बार-बार तौबा करना व्यर्थ है? आयतुल्लाह खुशवक़्त का जवाब
हौज़ा/स्वयं की इच्छाओं के विरुद्ध गिरने पर भी व्यक्ति को प्रयास करते रहना चाहिए, क्योंकि निरंतर संघर्ष इच्छाशक्ति को मज़बूत करता है, जबकि हार मानने से व्यक्ति नष्ट हो जाता है। इसी प्रकार, यदि…