बिहारुल अनवार किताब (84)
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दिन की हदीसः
धार्मिकतिलावत ए क़ुरआन की फज़ीलत
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व.ने एक रिवायत में क़ुरआन की तिलावत के सवाब और उसके लाभों का वर्णन किया है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकहज़रत इमाम ए ज़माना (अ) के ज़ुहूर की विशेषताएँ
हज़रत इमाम सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में इमाम ए ज़माना (अ) के ज़ुहूर की खुसूसियत की ओर इशारा किया है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकलोगों की खिदमत करना अल्लाह की नेमत हैृ
हौज़ा / इमाम हुसैन अ.स. ने एक रिवायत में लोगों की ज़रूरतों की पूर्ति को इलाही नेमत बताया है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकहज़रत पैगम्बर स.स.व.की शिफ़ाअत का कारण बनने वाला अमल
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में माहे शाबान में रोज़ा रखने के सवाब और उसकी बरकात की ओर इशारा किया हैं।
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दिन की हदीस:
धार्मिकमोमिन भाईयो से अच्छे संबंध का नतीजा
हौज़ा / हज़रत इमाम मूसा काज़िम अ.स.ने एक रिवायत में परिवार वालो और मोमिन भाईयों से अच्छे संबंध का नतीजे कि ओर इशारा किया हैं।
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दिन की हदीस:
धार्मिकहासिद की सज़ा
हौज़ा / हज़रत इमाम अली ने एक रिवायत में हासिद के अंजाम की ओर इशारा किया हैं।
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धार्मिकक्या बार-बार तौबा करना व्यर्थ है? आयतुल्लाह खुशवक़्त का जवाब
हौज़ा/स्वयं की इच्छाओं के विरुद्ध गिरने पर भी व्यक्ति को प्रयास करते रहना चाहिए, क्योंकि निरंतर संघर्ष इच्छाशक्ति को मज़बूत करता है, जबकि हार मानने से व्यक्ति नष्ट हो जाता है। इसी प्रकार, यदि…
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दिन की हदीस:
धार्मिकअल्लाह तआला के नज़दीक बेहतरीन काम
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में अल्लाह तआला के नज़दीक बेहतरीन काम की पहचान कराई है।
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धार्मिकशहीद पर बाक़ी हक़्क़ुन्नास का मस्अला
हौज़ा / इस्लाम में शहादत को सबसे ऊँचे स्तर की बलिदानी और इसार की मिसाल माना जाता है लेकिन एक अहम सवाल हमेशा बरकरार रहता है: क्या शहादत इंसान के ऊपर बाकी रह गए हक़-ए-नास (दूसरों के अधिकार) को…
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दिन की हदीस:
धार्मिकइमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम की नज़र में चोरों की किस्म
हौज़ा / हज़रत इमाम जफार सादीक अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में चोर कितने प्रकार के होते हैं बयान फरमाया है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकअल्लाह तआला की निगाह से महरूम तीन लोग
हौज़ा / इमाम जाफर सादिक़ अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में तीन ऐसे लोगों का परिचय कराया है जो क़यामत के दिन अल्लाह की रहमत से महरूम होंगे।
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भारतअहले-बैत (अ) की मवद्दत ही निजात का एकमात्र रास्ता है: मौलाना जावेद हैदर जैदी
हौज़ा / मुहर्रम के पहले दस दिनों के सिलसिले में सदर इमामबारगाह जाफरिया अजाखाना (टोनबा, रोहतास जिला, बिहार) में हर रात 9 बजे मजलिस का सिलसिला जारी है। मौलाना जावेद हैदर जैदी इन सभाओं को “मवद्दत”…
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हौज़ा और यूनीवर्सिटी के शिक्षकों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों से चर्चा:
ईरानमीडिया और इससे जुड़े लोगों को पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए
हौज़ा / तेहरान में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले के दौरान, कुछ सांस्कृतिक विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया है कि पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना एक सामाजिक आवश्यकता है जिसके लिए जिम्मेदार…
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भारत"अंदलीबान-ए-इल्म-ओ-अदब" पुस्तक का शानदार रस्मे इज्रा
हौज़ा/पुस्तक "अंदलीबान-ए-इल्म-ओ-अदब" का शानदार रस्मे इज्रा गोपालपुर, भारत में हुआ। साहित्य और विज्ञान के प्रति जुनून रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण और यादगार अवसर प्रदान किया गया जब हुज्जतुल…
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ईरानहौज़ा ए इल्मिया क़ुम; दुनिया भर के 120 देशों के छात्रों के लिए एक शैक्षणिक केंद्र: सिमनान में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि
हौज़ा/ ईरान के सिमनान प्रांत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलमानों मुर्तेज़ा मोतिई ने "हौज़ा न्यूज़" के साथ एक साक्षात्कार में कहा है कि हौज़ा ए इल्मिया क़ुम आज इस्लामी…
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भारतमौलाना शहवार हुसैन की बहुमूल्य साहित्यिक कोशिश, किताब "शारेहीन नहजुल-बलाग़ा" एक सुंदर मुद्रित संस्करण में प्रकाशित हुई
हौज़ा/नहजुल-बलाग़ा हज़रत अमीरुल-मोमेनीन अली (अ) के खुत्बो, पत्रों और कथनों का एक बहुमूल्य संग्रह है, जिसमें फसाहत और बलाग़त, अर्थ और व्याख्या, संकेत और रूपक, संक्षिप्तता और विडंबना, उपमा और रूपक,…
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भारतदुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली किताब कुरान है: डॉ. मौलाना मासूम रजा वाइज
हौज़ा / छपरा बहार के बारगाह हुसैनी दहिवान स्थित इमामिया कायमिया मकतब में ख़त्म क़ुरआन और पुरुस्कार वितरण के लिए वार्षिक जलसे का आयोजन किया गया।
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दिन की हदीस:
धार्मिकमुस्कुराहट और खुशदिली से पेश आने का नतीजा
हौज़ा / हज़रत फातिमा ज़हरा स.ल. ने एक हदीस में मोमिन का सामना करते समय मुस्कुराहट और खुशदिली से पेश आने की सलाह दी है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकरमज़ान उल मुबारक का कुरआनी मोजिज़ा
हौज़ा / हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में रमज़ान उल मुबारक के कुरआनी मोजिज़ा की ओर इशारा किया है।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शिराज़ी:
उलेमा और मराजा ए इकरामपश्चाताप की वास्तविकता अवज्ञा से परमेश्वर की आज्ञाकारिता की ओर लौटना है
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शिराज़ी ने कहा: जब रमज़ान उल मुबारक बरकत, रहमत और क्षमा के साथ आता है और इसके क्षण सबसे अच्छे समय होते हैं और इसमें दुआएँ स्वीकार की जाती हैं, तो यह क्षमा…